150 थप्पड़ और 15 एंटी-वेनम डोज, हरदोई में सांप के डसने के बाद ऐसे बची युवक की जान

Knews Desk- हरदोई में सांप के डसने के बाद 21 वर्षीय युवक की हालत गंभीर हो गई। उसकी जान बचाने के लिए बड़े भाई ने करीब एक घंटे तक उसे जगाए रखने की कोशिश की और डॉक्टर की सलाह पर लगातार थप्पड़ मारता रहा। वहीं, मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी टीम ने करीब दो घंटे में 15 एंटी-वेनम डोज देकर युवक का इलाज किया।

मामला देहात कोतवाली क्षेत्र के ज्योति नगर का है। यहां डेयरी संचालक आकाश का छोटा भाई अरुण शनिवार दोपहर करीब दो बजे खेत में पानी देने गया था। घास की बोरी उठाते समय उसमें छिपे जहरीले सांप ने उसे डस लिया। अरुण की चीख सुनकर आकाश तुरंत मौके पर पहुंचा और उसे सड़क की ओर लेकर दौड़ा।

इसी दौरान प्रगति नगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक शिवम शर्मा वहां से गुजरे। युवक की गंभीर हालत देखकर उन्होंने दोनों भाइयों को अपनी बाइक पर बैठाया और बिना देर किए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।

भाई ने एक घंटे तक थप्पड़ मारकर रखा जगाए

मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में EMO डॉ. शेर सिंह और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने परिजनों को युवक को सोने नहीं देने की सलाह दी। इसके बाद आकाश लगातार अपने भाई को थप्पड़ मारकर जगाए रखने की कोशिश करता रहा। करीब एक घंटे में उसने अरुण को 150 थप्पड़ मारे।

डॉक्टरों के मुताबिक, युवक के शरीर में सांप के जहर का असर काफी गंभीर था। उसकी हालत को देखते हुए सामान्य से ज्यादा एंटी-वेनम की जरूरत पड़ी। करीब दो घंटे के भीतर उसे कुल 15 एंटी-वेनम डोज दी गईं, जिसके बाद उसकी हालत में सुधार आया।

समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान

डॉक्टरों ने बताया कि गंभीर सांप के काटने के मामलों में मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है और सांस लेने में परेशानी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में समय पर चिकित्सा सहायता बेहद जरूरी है। अरुण को समय रहते अस्पताल पहुंचाने वाले शिवम शर्मा, इलाज करने वाली मेडिकल टीम और उसके भाई आकाश की तत्परता से उसकी जान बच सकी।

सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक या घरेलू इलाज में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। मरीज को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल ले जाना जरूरी है। किसी भी तरह का उपचार डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही कराया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *