KNEWS DESK- नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा के बाद भोग लगाने के लिए आप घर पर गुड़ की पूरी बना सकते हैं। गेहूं के आटे, गुड़ और सौंफ से बनने वाली यह पारंपरिक पूरी स्वादिष्ट होने के साथ बेहद आसान भी है।
नाग पंचमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन नाग देवता की पूजा-अर्चना करने के साथ घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं और भोग लगाया जाता है। अगर आप भी इस नाग पंचमी पर पूजा के लिए कोई पारंपरिक और स्वादिष्ट प्रसाद बनाना चाहते हैं, तो गुड़ की पूरी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।
गुड़ की पूरी बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती। गेहूं के आटे और गुड़ के साथ सौंफ और घी डालकर इसे तैयार किया जाता है। गुड़ की वजह से पूरियों में हल्की मिठास आती है, जबकि सौंफ इसकी खुशबू और स्वाद को और बेहतर बनाती है।
गुड़ की पूरी बनाने के लिए सामग्री
- 2 कप गेहूं का आटा
- 1 कप गुड़
- आधा गिलास पानी
- 1 चम्मच घी
- आधा चम्मच सौंफ
- तलने के लिए तेल या घी
ऐसे तैयार करें गुड़ की पूरी
सबसे पहले गुड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें। अब इसे हल्के गुनगुने पानी में डालकर अच्छी तरह घोल लें। ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो।
इसके बाद एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें और उसमें सौंफ और एक चम्मच घी डालकर मिला लें। अब गुड़ वाले पानी की मदद से आटे को गूंथें। आटा न तो बहुत नरम होना चाहिए और न ही ज्यादा सख्त।
आटा तैयार होने के बाद इसे करीब 15 मिनट के लिए ढककर रख दें। इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें हल्का मोटा बेल लें। पूरियों को बहुत ज्यादा पतला बेलने से बचें।
अब कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। तेल गर्म होने पर एक-एक करके पूरियां डालें और उन्हें मध्यम या हल्की आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तलें। तैयार गुड़ की पूरियों को प्लेट में निकाल लें।
स्वाद और टेक्सचर बेहतर करने के लिए टिप्स
गुड़ की पूरी बनाते समय कुछ छोटी बातों का ध्यान रखने से इसका स्वाद और भी अच्छा हो सकता है। गुड़ को घोलने के लिए बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल न करें। आटा गूंथते समय थोड़ा घी डालने से पूरी का टेक्सचर बेहतर हो सकता है।
सौंफ के अलावा आप स्वाद के लिए थोड़ी इलायची पाउडर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं, गुड़ की वजह से पूरी सामान्य पूरी की तुलना में जल्दी सुनहरी होती है, इसलिए इन्हें तेज आंच पर तलने से बचें।
नाग पंचमी के दिन पूजा के बाद इन गुड़ की पूरियों का भोग लगाया जा सकता है। कम सामग्री और आसान विधि की वजह से यह पारंपरिक प्रसाद घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है।