युद्ध नशेआं विरुद्ध अभियान को धार, स्वतंत्रता दिवस पर नशा विरोधी योद्धाओं का सम्मान

पंजाब सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले ग्राम और वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया। सरकार अब ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय इसे जमीनी स्तर पर जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी में है।

knews Desk- पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को और मजबूत करने के लिए सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्तर पर काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया। ग्राम रक्षा समितियों और वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अभियान के तहत अगले दो सप्ताह के लिए विशेष समीक्षा और कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य गांव और वार्ड स्तर से मिलने वाले फीडबैक को प्रशासन और पुलिस की नियमित समीक्षा व्यवस्था से जोड़ना है। अभियान के तहत होने वाली गतिविधियों को राष्ट्रीय दिवसों और अन्य प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों में भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इस संबंध में 2 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया था।

नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर लड़ाई

अभियान के तहत ग्राम रक्षा समितियों और वार्ड रक्षा समितियों के ऐसे सदस्यों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने क्षेत्रों में नशे के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाई। सरकार का मानना है कि स्थानीय लोगों की भागीदारी से नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकता है।

जिला स्तर पर डिप्टी कमिश्नरों ने असेंबली कोऑर्डिनेटरों और वाइस असेंबली कोऑर्डिनेटरों को सम्मानित किया। वहीं, सब-डिवीजन स्तर पर एसडीएम की ओर से ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को सम्मान दिया गया।

गांवों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों और ग्राम पंचायतों में हुए इन कार्यक्रमों के दौरान सरपंचों और स्थानीय लोगों ने ग्राम रक्षा समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया। इन कार्यक्रमों के जरिए नशामुक्त पंजाब के निर्माण में सामुदायिक भागीदारी का संदेश दिया गया।

16 से 25 अगस्त तक गांवों में होंगी बैठकें

सरकार ने सभी 23 जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को सक्रिय ग्राम और वार्ड रक्षा समिति सदस्यों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इन सदस्यों के योगदान और अभियान में उनकी भागीदारी को ध्यान में रखते हुए उन्हें सम्मानित किया जा रहा है।

अभियान की अगली कड़ी में 16 से 25 अगस्त तक प्रत्येक गांव में ग्राम रक्षा समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में नशा तस्करी से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही पहले मिली शिकायतों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई का जायजा लिया जाएगा।

लंबित मामलों की स्थिति पर भी चर्चा होगी और जरूरत के मुताबिक नए सुझाव तथा स्थानीय स्तर का फीडबैक प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इन बैठकों के जरिए नशे से जुड़ी समस्याओं की वास्तविक स्थिति को समझना और कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है।

26 से 29 अगस्त तक जिला स्तर पर समीक्षा

गांवों से मिले फीडबैक के बाद 26 से 29 अगस्त के बीच जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री करेंगे। बैठक में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि तथा जिला, विधानसभा और ब्लॉक स्तर के कोऑर्डिनेटर भी शामिल होंगे।

इन बैठकों में गांवों से सामने आई शिकायतों और सुझावों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही नशे के खिलाफ आगे की रणनीति और आवश्यक कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।

31 अगस्त को मुख्यमंत्री करेंगे अभियान की समीक्षा

दो सप्ताह तक चलने वाली इस पूरी प्रक्रिया का समापन 31 अगस्त को होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सभी जिलों में अभियान की प्रगति का जायजा लिया जाएगा।

बैठक के दौरान जिला स्तर पर सामने आई रिपोर्ट और फीडबैक के आधार पर अभियान के अगले चरण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सरकार का फोकस नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ समाज और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर भी है। इस तरह ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को प्रशासनिक मुहिम के साथ एक व्यापक जन-अभियान का रूप देने की कोशिश की जा रही है।

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