मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए भाषण को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के पुराने नेताओं और सरकारों के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि देश के विकास में कांग्रेस की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार युवाओं, गरीबों और कमजोर वर्गों के हितों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दे रही है।
Knews Desk- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए संबोधन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि प्रधानमंत्री ने यह नहीं कहा कि दुनिया भी उन्हीं की वजह से बनी और उन्हीं की वजह से बची हुई है। खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने भाषण में सरकार की उपलब्धियों को प्रमुखता से बताते हैं, लेकिन देश के निर्माण में पहले की सरकारों और नेताओं के योगदान को भी याद किया जाना चाहिए।
खरगे ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के विकास की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, नेहरू ने विज्ञान, तकनीक और संस्थानों के विकास पर जोर दिया। खरगे ने लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति से लेकर देश की सैन्य ताकत मजबूत करने और सूचना प्रौद्योगिकी की नींव रखने तक कांग्रेस सरकारों ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में आम लोगों को भोजन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े अधिकार देने की दिशा में कई कदम उठाए गए। खरगे ने कहा कि देश में आज जो विकास दिखाई देता है, उसके पीछे लंबे समय तक चली नीतियों और संस्थागत निर्माण की भी बड़ी भूमिका है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार युवाओं की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और देश के कई हिस्सों में युवा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
‘कमजोर वर्गों को उनका हक दिलाएंगे’
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस कमजोर और वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को समझने की जरूरत है। खरगे ने विशेष रूप से Gen Z का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें देशद्रोही कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में एकता, शांति और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की कोशिश करेगी।
खरगे ने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों संगठन देश में एकता की कोशिशों को बाधित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने एजेंडे के साथ आगे बढ़ती रहेगी और कमजोर तबकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी।
‘गरीब और गरीब, अमीर और अमीर हो रहे’
कांग्रेस अध्यक्ष ने आर्थिक असमानता को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों की वजह से गरीब और कमजोर वर्गों पर दबाव बढ़ रहा है, जबकि अमीरों की संपत्ति लगातार बढ़ रही है। खरगे ने कहा कि सरकार को गरीबों और युवाओं की समस्याओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने संसद और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग, मीडिया, विश्वविद्यालय, डीआरडीओ और इसरो जैसी संस्थाएं सरकार के प्रभाव में हैं। उन्होंने संसद की कार्यवाही को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा और जवाबदेही जरूरी है।
खरगे ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नेहरू के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि देश में वैज्ञानिक सोच और संस्थानों को मजबूत करने की दिशा में उस दौर में महत्वपूर्ण निवेश किया गया था। इसके अलावा उन्होंने राम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। खरगे ने कहा कि यदि चंदे से जुड़ी किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो उसमें शामिल लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।
इस तरह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद खरगे की टिप्पणी ने एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है।