Knews Desk- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए वीर शहीदों को नमन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी शिक्षा, कौशल, आत्मविश्वास और सपने ही विकसित झारखंड की सबसे बड़ी पूंजी हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
सीएम सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध विरासत से है, लेकिन आने वाले 25 वर्षों में राज्य की दिशा और दशा तय करने में युवाओं की सबसे अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं और उनके माता-पिता भी अपनी सामर्थ्य से आगे बढ़कर उनकी पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के साथ न्याय हो।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों पर चिंता
मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर चिंता जताते हुए कहा कि जब परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं, तो इसका असर केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी पीढ़ी के विश्वास पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को किसी भ्रष्ट तंत्र, माफिया या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं, लेकिन दूसरे राज्यों की घटनाओं से झारखंड की जिम्मेदारी कम नहीं होती। सरकार के लिए राज्य के युवाओं का भविष्य और उनका भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है।
परीक्षा व्यवस्था में होगा व्यापक सुधार
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार केवल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिना ठोस प्रमाण किसी को दोषी ठहराने से भी बचा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था तैयार करना चाहती है, जिसमें भविष्य में कोई भी युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, तकनीक-सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
छात्रों की भागीदारी से बनेगी नई परीक्षा व्यवस्था
सीएम ने बताया कि परीक्षा सुधार के लिए ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान शुरू किया गया है। इसके जरिए विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और अभिभावकों से सुझाव लिए जाएंगे। सरकार इन सुझावों का विशेषज्ञों के माध्यम से अध्ययन कराएगी और नियमों व संवैधानिक प्रावधानों के तहत जरूरी बदलाव लागू किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिस शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर विद्यार्थियों पर पड़ता है, उसके निर्माण में विद्यार्थियों की राय भी शामिल होनी चाहिए।
रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने रोजगार को सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए कहा कि लक्ष्य केवल सरकारी रिक्त पदों को भरना नहीं है। सरकार उद्योग, MSME, कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में JPSC, JSSC और अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और भर्ती व्यवस्था को लेकर उनका भरोसा भी मजबूत होगा।
युवाओं से मेहनत पर भरोसा रखने की अपील
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से अपनी मेहनत और क्षमता पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं का परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा और उनके सपनों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि वह युवाओं से केवल धैर्य नहीं, बल्कि विश्वास की अपेक्षा करते हैं। सरकार ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिस पर अभ्यर्थियों को भरोसा हो, समाज को विश्वास हो और देश के सामने झारखंड एक बेहतर उदाहरण बनकर उभरे।