असम-अरुणाचल सीमा पर फायरिंग से मचा हड़कंप, 8 ग्रामीण घायल; CM हिमंता बोले- तनाव कम करने की कोशिश जारी

Assam-Arunachal Border Dispute: असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सीमा विवाद एक बार फिर हिंसक हो गया है। असम के धेमाजी जिले में सोमवार सुबह इंटर-स्टेट बॉर्डर के पास गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसमें 8 ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

असम के धेमाजी जिले की मिंगमांग बस्ती में सोमवार (10 अगस्त 2026) सुबह अचानक फायरिंग से अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश की तरफ से आए कुछ अज्ञात लोगों ने ग्रामीणों पर कथित तौर पर गोलियां चला दीं। इस घटना में 8 लोग घायल हुए हैं।

बताया जा रहा है कि मिंगमांग इलाके में असम और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती समुदायों के बीच जमीन के मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। इसी विवाद के बीच सोमवार को गोलीबारी की घटना हुई।

घायलों की पहचान दुर्गेश्वर पातिर, रोहित डोले, नागराज डोले, बिग्गेश्वर पातिर, पामे पेगु, संजय तायुंग, उत्पल डोले और जान डोले के रूप में हुई है। घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात

फायरिंग की घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसी भी तरह की दोबारा हिंसा को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है। वहीं, गोलीबारी करने वाले लोगों की पहचान और घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

सीमा क्षेत्र में जमीन को लेकर दोनों राज्यों के लोगों के बीच पहले भी तनाव और झड़प की घटनाएं सामने आती रही हैं। ताजा घटना ने एक बार फिर इस विवाद की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है।

CM हिमंता ने कहा- असम की एक इंच जमीन नहीं जाने देंगे

घटना के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों के बीच बातचीत चल रही है। इसके साथ ही दोनों राज्यों के DGP भी स्थिति को नियंत्रित करने और तनाव कम करने के लिए समन्वय कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ी घटनास्थल पर भेजी गई है और हर हाल में स्थिति को शांत किया जाना जरूरी है। उन्होंने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में असम की एक इंच जमीन भी नहीं जानी चाहिए।

असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सीमा विवाद कई दशकों पुराना है। दोनों राज्य बातचीत और सीमांकन की प्रक्रिया के जरिए विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सीमा से लगे कुछ इलाके अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

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