KNEWS DESK- फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की A320 फ्लाइट में 4 अगस्त को उड़ान के दौरान अचानक तेज टर्बुलेंस की घटना सामने आई थी। इस दौरान विमान की ऊंचाई में करीब 300 फीट की कमी आई। घटना के बाद कई यात्रियों और क्रू सदस्यों को चोटें आईं। अब इस मामले में पायलट के कथित डोप टेस्ट को लेकर नया दावा सामने आने के बाद जांच और गंभीर हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि घटना के बाद कराए गए अनिवार्य पोस्ट-फ्लाइट डोप टेस्ट में विमान के कप्तान के साइकोएक्टिव सब्सटेंस के लिए पॉजिटिव आने की बात सामने आई है। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एयर इंडिया ने कहा है कि दोनों पायलटों का नियमों के तहत टेस्ट किया गया था, लेकिन रिपोर्ट अभी एयरलाइन के साथ साझा नहीं की गई है। इसलिए रिपोर्ट में वास्तव में क्या सामने आया, इस पर एयरलाइन ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।
टर्बुलेंस में अचानक नीचे आया विमान
रिपोर्ट के मुताबिक, फुकेत-दिल्ली उड़ान के दौरान विमान ओडिशा के पास गंभीर टर्बुलेंस की चपेट में आया। इस दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट की कमी दर्ज की गई। घटना के बाद विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंचा, लेकिन यात्रियों और क्रू मेंबरों को चोटें आईं।
घटना के बाद दोनों पायलटों को फिलहाल फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया गया है। जांच पूरी होने तक उन्हें विमान उड़ाने की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। पायलटों के डोप टेस्ट को लेकर सामने आया दावा अब जांच के अहम पहलुओं में से एक बन गया है।
एयर इंडिया ने क्या कहा?
एयर इंडिया ने डोप टेस्ट में पॉजिटिव रिपोर्ट आने की खबर की पुष्टि या खंडन नहीं किया है। एयरलाइन के मुताबिक, उसके क्रू सदस्यों का सिविल एविएशन नियमों के तहत ड्रग टेस्ट किया जाता है और यह किसी एक घटना तक सीमित प्रक्रिया नहीं है।
एयरलाइन ने बताया कि मौजूदा मामले में भी टेस्ट किया गया था, लेकिन रिपोर्ट अभी उसके साथ साझा नहीं की गई है। ऐसे में रिपोर्ट के नतीजे को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
DGCA की जांच में कई पहलू शामिल
घटना की जांच DGCA की ओर से की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि अचानक आए टर्बुलेंस के दौरान फ्लाइट क्रू ने स्थिति को किस तरह संभाला और विमान के संचालन में सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं।
इसके अलावा मौसम की स्थिति, टर्बुलेंस की प्रकृति और विमान के प्रदर्शन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। विमान की तकनीकी स्थिति और टर्बुलेंस के दौरान किसी सिस्टम पर पड़े संभावित प्रभाव को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
दिल्ली तक विमान ले जाने पर भी उठे सवाल
जांच में यह सवाल भी अहम हो सकता है कि गंभीर टर्बुलेंस के बाद विमान को दिल्ली तक ले जाना उचित फैसला था या उसे किसी नजदीकी एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया जाना चाहिए था। रिपोर्ट्स में वाराणसी या लखनऊ जैसे विकल्पों का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल DGCA घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।
पायलट के कथित पॉजिटिव डोप टेस्ट को लेकर सामने आई जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है, लेकिन जब तक संबंधित रिपोर्ट आधिकारिक तौर पर साझा नहीं होती और जांच पूरी नहीं होती, तब तक इसे केवल एक दावा ही माना जा रहा है। एयर इंडिया की ओर से भी रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की गई है।