E-20 पेट्रोल पर राहुल गांधी ने केंद्र को घेरा, बोले- दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने E-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे बड़ा मुद्दा बताते हुए आरोप लगाया कि इससे वाहन मालिकों को नुकसान हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगी।

Knews Desk- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने E-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर इस नीति पर कई सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि इसका असर आम लोगों की गाड़ियों और उनकी जेब पर पड़ रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि आम तौर पर कहा जाता है कि ‘दाल में कुछ काला है’, लेकिन E-20 पेट्रोल के मामले में ‘पूरी दाल ही काली’ नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है और कांग्रेस इसे व्यापक स्तर पर उठाएगी।

राहुल गांधी ने कहा कि देश में ऐसे कई मुद्दे हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर उठाने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि E-20 पेट्रोल के कारण लोगों की कार और स्कूटर प्रभावित हो रहे हैं और वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को नजरअंदाज नहीं करेगी और आने वाले समय में इसे बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।

E-20 पेट्रोल को लेकर क्यों छिड़ी बहस?

E-20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। पिछले कुछ समय से इसे लेकर वाहन मालिकों के बीच चर्चा तेज हुई है। खासकर पुराने वाहनों में माइलेज कम होने और इंजन तथा अन्य पुर्जों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

इसी बीच ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी रिपोर्टों और दावों ने इस बहस को और तेज कर दिया है। कुछ रिपोर्टों में ईंधन की गुणवत्ता और इंजन व एग्जॉस्ट सिस्टम के पुर्जों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई गई है।

सरकार कर रही E-20 नीति का बचाव

दूसरी तरफ केंद्र सरकार E-20 पेट्रोल और एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति का लगातार बचाव करती रही है। सरकार का कहना है कि पेट्रोल की गुणवत्ता की निगरानी की जाती है और दूषित या मिलावटी ईंधन से जुड़े मामले बेहद कम हैं।

सरकार के मुताबिक पेट्रोल में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ाने से देश की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही एथेनॉल उत्पादन से किसानों को फायदा मिलने और कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का भी दावा किया जाता है।

E-20 पर सियासी पारा चढ़ा

E-20 पेट्रोल को लेकर अब तक मुख्य रूप से वाहन मालिकों और सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही थी, लेकिन राहुल गांधी के बयान के बाद यह मामला राजनीतिक रूप भी लेता नजर आ रहा है। कांग्रेस जहां वाहन मालिकों को होने वाले कथित नुकसान को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं केंद्र सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग के आर्थिक और पर्यावरणीय फायदों को सामने रख रही है।

ऐसे में आने वाले दिनों में E-20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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