Knews Desk– झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले कई दिनों से राजधानी रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार से पारदर्शी बातचीत की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच संभावित वार्ता नहीं हो सकी, जिससे आंदोलन की दिशा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। अब सभी की निगाहें शुक्रवार पर टिकी हैं, क्योंकि विधानसभा सत्र का दूसरा दिन होने के साथ-साथ सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की संभावना भी जताई जा रही है।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र लगातार धरना और भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लगातार बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है। छात्र नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे केवल निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार ईमानदारी से बातचीत करती है तो समाधान निकल सकता है, लेकिन वार्ता में देरी आंदोलन को और व्यापक बना सकती है।छात्रों का आरोप है कि JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी और परीक्षा परिणामों को लेकर उठ रहे सवालों का अब तक संतोषजनक समाधान नहीं किया गया है। इसी वजह से राज्यभर के छात्र एक मंच पर आकर आंदोलन कर रहे हैं।
इस आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देर रात प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने छात्रों की मांगों को सुना और कहा कि सरकारों को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके इस समर्थन के बाद आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा मिलने लगी है।उधर, विपक्षी दल भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी कर रहे हैं। संभावना है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार से भर्ती प्रक्रियाओं और छात्रों की मांगों को लेकर जवाब मांगा जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं करती, तो यह मुद्दा विधानसभा से लेकर सड़कों तक और अधिक गरमा सकता है।
इसी बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए शुक्रवार को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। यह मार्च दोपहर 12 बजे रांची के बिरसा चौक से शुरू होगा। संगठन का दावा है कि इसमें बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे। छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि आंदोलनकारी अभी भी सरकार की ओर से आधिकारिक बातचीत के निमंत्रण का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन वार्ता पारदर्शी और सार्थक होनी चाहिए।फिलहाल झारखंड की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए यह आंदोलन बड़ी चुनौती बन गया है। यदि शुक्रवार को सरकार और छात्रों के बीच बातचीत होती है और कोई ठोस आश्वासन सामने आता है, तो आंदोलन शांत होने की दिशा में बढ़ सकता है। वहीं, यदि वार्ता नहीं होती या कोई ठोस निर्णय नहीं निकलता, तो छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने के संकेत दिए हैं। ऐसे में आज का दिन झारखंड के छात्र आंदोलन और राज्य की राजनीति, दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।