KNEWS DESK- झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर चल रहे विवाद के बीच अपराध जांच विभाग (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने रांची, बोकारो, पलामू, हजारीबाग और धनबाद समेत राज्य के 18 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान CID को कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने की बात सामने आई है। बरामद सामग्री में अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड और मार्कशीट समेत कई दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई के बीच रांची का एक कोचिंग संस्थान भी जांच एजेंसी के रडार पर आ गया है। वहीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से भी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है।
JPSC के पूर्व चेयरमैन से चौथी बार पूछताछ
JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से सोमवार को CID ने करीब सात घंटे तक पूछताछ की। यह उनसे पूछताछ का चौथा दौर था। इससे पहले 28 जुलाई को उनसे करीब नौ घंटे और 29 तथा 31 जुलाई को आठ-आठ घंटे पूछताछ की गई थी। JPSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मामला सामने आने के बाद खियांग्ते ने 22 जुलाई को आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के अगले दिन CID ने उनके सरकारी आवास समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी।
बाद में खियांग्ते ने दावा किया था कि उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपनी इच्छा से पद छोड़ने का फैसला किया। खियांग्ते पिछले साल फरवरी में झारखंड के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें JPSC का चेयरमैन नियुक्त किया था।
मामले में अब तक 11 गिरफ्तारियां
परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक मामले में जांच एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। मामला सामने आने के बाद JPSC संयुक्त सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा को भी कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया था।
CID अब इस पूरे मामले से जुड़े संभावित नेटवर्क और अलग-अलग लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इसी सिलसिले में सोमवार तड़के राज्य के अलग-अलग शहरों में 18 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
रांची का कोचिंग सेंटर जांच के घेरे में
CID की कार्रवाई में रांची स्थित पतंजलि एकेडमी नाम का एक कोचिंग संस्थान भी जांच के दायरे में आया है। जांच एजेंसी ने कोचिंग संस्थान के परिसर और इसके संचालक संजीत उर्फ गोल्डन से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि छापेमारी वाले कुछ ठिकानों का किसी न किसी रूप में JPSC मुख्यालय, TDPL कंपनी और कंपनी के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी से संपर्क रहा है।
आरोप है कि अभय तिवारी से जुड़े लोग कथित तौर पर OMR शीट को पहले इस कोचिंग सेंटर तक लाते थे। यहां प्रश्नों के सही उत्तर तैयार किए जाते थे और फिर उसी आधार पर OMR शीट भरे जाने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसी की पड़ताल पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
लैपटॉप, मोबाइल और बैंक दस्तावेज भी बरामद
कई घंटे तक चली छापेमारी के दौरान CID को अलग-अलग ठिकानों से बड़ी संख्या में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। इनमें लैपटॉप और मोबाइल फोन के साथ कई बैंकों की पासबुक तथा चेकबुक शामिल बताई जा रही हैं। इसके अलावा अभ्यर्थियों की OMR शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड और मार्कशीट भी बरामद होने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए कथित परीक्षा धांधली से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
CID की टीम ने अभय तिवारी के देवघर स्थित आवास पर भी छापेमारी की। इसके साथ ही जांच एजेंसी को उनके साले सौरव तिवारी की भी तलाश बताई जा रही है।
CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र
एक तरफ CID की जांच और छापेमारी जारी है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी रांची में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CID के बजाय CBI से कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि परीक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने की मांग भी उठाई जा रही है।
रांची में अभ्यर्थी कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और विभिन्न छात्र संगठनों ने विधानसभा मार्च और घेराव की भी घोषणा की है। अब CID की छापेमारी में कथित तौर पर OMR शीट, एडमिट कार्ड, मार्कशीट, बैंक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इन दस्तावेजों की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।