Knews Desk- बाहर से मजबूत शरीर, उभरी हुई मांसपेशियां और जबरदस्त फिटनेस देखकर अक्सर बॉडीबिल्डरों को बेहतरीन सेहत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में कम उम्र के बॉडीबिल्डरों की अचानक मौत के मामलों ने इस धारणा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2025 में 56 प्रतिस्पर्धी बॉडीबिल्डरों की मौत हुई और मृतकों की औसत उम्र करीब 35 साल थी। इनमें बड़ी संख्या में मौतें दिल से जुड़ी समस्याओं के कारण बताई गईं।
विशेषज्ञों और विभिन्न अध्ययनों से संकेत मिलता है कि प्रोफेशनल बॉडीबिल्डिंग में अत्यधिक भारी ट्रेनिंग, एनाबॉलिक स्टेरॉयड और दूसरी परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली दवाओं का इस्तेमाल, प्रतियोगिता से पहले तेजी से वजन कम करना और शरीर को डिहाइड्रेट करना दिल समेत कई अंगों पर गंभीर दबाव डाल सकता है।
बॉडीबिल्डर आम लोगों की तुलना में बेहद मजबूत और फिट नजर आते हैं, लेकिन बाहरी फिटनेस हमेशा शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य की सही तस्वीर नहीं बताती। खासकर प्रतिस्पर्धी बॉडीबिल्डिंग में मसल्स बढ़ाने और शरीर में फैट का प्रतिशत बेहद कम करने के लिए अपनाए जाने वाले कुछ तरीके लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकते हैं।
2025 में कई युवा और चर्चित बॉडीबिल्डरों की अचानक मौत की खबरें सामने आईं। इनमें कुछ मामलों में कार्डियक अरेस्ट, जबकि कुछ में मल्टी-ऑर्गन फेलियर जैसी स्थितियां बताई गईं। इन घटनाओं के बाद बॉडीबिल्डिंग में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और अत्यधिक ट्रेनिंग को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
20 हजार से ज्यादा बॉडीबिल्डरों पर हुई स्टडी
बॉडीबिल्डिंग से जुड़े दिल के जोखिम को लेकर 2025 में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन में करीब 20,300 प्रतिस्पर्धी बॉडीबिल्डरों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। ये एथलीट 2005 से 2020 के बीच इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ बॉडीबिल्डिंग एंड फिटनेस (IFBB) की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके थे।
शोध में जुलाई 2023 तक उपलब्ध आंकड़ों का अध्ययन किया गया। इस दौरान कुल 121 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें 46 मामले अचानक कार्डियक डेथ से जुड़े बताए गए। मौत के समय औसत उम्र करीब 34.7 वर्ष थी।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि प्रोफेशनल बॉडीबिल्डरों में शौकिया स्तर पर प्रतियोगिता करने वालों के मुकाबले अचानक कार्डियक डेथ का खतरा लगभग पांच गुना अधिक था।

स्टेरॉयड बन सकते हैं दिल के लिए बड़ा खतरा
एनाबॉलिक स्टेरॉयड का इस्तेमाल बॉडीबिल्डिंग से जुड़े प्रमुख स्वास्थ्य जोखिमों में गिना जाता है। इनका इस्तेमाल कम समय में मसल्स बढ़ाने और प्रदर्शन बेहतर करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक या बिना चिकित्सकीय निगरानी के इस्तेमाल से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
2025 में सामने आए डेनमार्क के एक अध्ययन में स्टेरॉयड इस्तेमाल करने वाले करीब 1,189 पुरुषों की तुलना लगभग 60 हजार अन्य पुरुषों से की गई। लंबे समय तक किए गए अध्ययन में स्टेरॉयड इस्तेमाल करने वालों में कार्डियोमायोपैथी यानी दिल की मांसपेशियों से जुड़ी बीमारी का खतरा काफी अधिक पाया गया। हार्ट अटैक और दिल की धड़कन से जुड़ी गंभीर समस्याओं का जोखिम भी ज्यादा देखा गया।
स्टेरॉयड ब्लड प्रेशर बढ़ाने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित करने और दिल की संरचना में बदलाव से भी जुड़े हो सकते हैं।
प्रतियोगिता से पहले डिहाइड्रेशन भी खतरनाक
सिर्फ स्टेरॉयड ही चिंता का कारण नहीं हैं। बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिताओं से पहले शरीर की मांसपेशियों को ज्यादा स्पष्ट दिखाने के लिए कुछ एथलीट पानी और नमक का सेवन काफी कम कर देते हैं।
अत्यधिक डिहाइड्रेशन से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इसका असर दिल की धड़कन पर पड़ सकता है और गंभीर परिस्थितियों में खतरनाक अरिदमिया का जोखिम बढ़ सकता है।
इसके साथ ही बहुत कम कैलोरी वाली डाइट, लगातार भारी वजन उठाना और पर्याप्त रिकवरी न लेना भी शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
पोस्टमार्टम में सामने आए बड़े और मोटे दिल के मामले
कुछ मृत बॉडीबिल्डरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिल का आकार सामान्य से बड़ा पाए जाने की जानकारी सामने आई है। मेडिकल भाषा में इसे कार्डियोमेगली कहा जाता है। इसके अलावा दिल के बाएं वेंट्रिकल की दीवारों के असामान्य रूप से मोटे होने जैसी स्थितियां भी रिपोर्ट की गई हैं।
एक चर्चित मामले में 26 वर्षीय अमेरिकी बॉडीबिल्डर के पोस्टमार्टम के दौरान दिल का वजन 833 ग्राम दर्ज किया गया था, जो सामान्य वयस्क पुरुष के दिल के औसत वजन से काफी अधिक था।
2022 में प्रकाशित एक अध्ययन में भी कुछ मृत बॉडीबिल्डरों के दिल सामान्य से काफी भारी और उनकी मांसपेशियां अधिक मोटी पाई गई थीं। हालांकि किसी एक व्यक्ति की मौत का कारण केवल दिल का आकार देखकर तय नहीं किया जा सकता और इसके लिए पूरी मेडिकल व पोस्टमार्टम जांच जरूरी होती है।
भारी ट्रेनिंग से भी बढ़ सकता है शरीर पर दबाव
सामान्य रूप से नियंत्रित और सही तकनीक से की गई स्ट्रेंथ ट्रेनिंग स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानी जाती है। समस्या तब पैदा हो सकती है जब ट्रेनिंग अत्यधिक हो, शरीर को पर्याप्त रिकवरी न मिले या इसके साथ परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली दवाओं और अत्यधिक डाइटिंग का इस्तेमाल किया जाए।
बहुत भारी वजन उठाने के दौरान ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए तेजी से बढ़ सकता है। अगर पहले से दिल की कोई छिपी समस्या मौजूद हो या दूसरे जोखिम भी जुड़े हों, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है।
सिर्फ मजबूत मांसपेशियां अच्छी सेहत की गारंटी नहीं
बॉडीबिल्डरों की कम उम्र में होने वाली मौतों को किसी एक वजह से जोड़ना सही नहीं होगा। उपलब्ध रिसर्च बताती है कि स्टेरॉयड और दूसरी परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली दवाएं, अत्यधिक डिहाइड्रेशन, बहुत सख्त डाइटिंग, असामान्य मसल्स मास और अत्यधिक ट्रेनिंग जैसे कई कारण मिलकर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकते हैं।
यही वजह है कि विशेषज्ञ प्रतिस्पर्धी बॉडीबिल्डिंग करने वाले लोगों के लिए नियमित हार्ट चेकअप, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की निगरानी तथा किसी भी दवा या सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले योग्य डॉक्टर की सलाह को महत्वपूर्ण मानते हैं। बाहर से बेहद फिट नजर आना जरूरी नहीं कि दिल और दूसरे अंग भी उतने ही स्वस्थ हों।