KNEWS DESK- बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. भरत तिवारी पर गोली चलाने वाले बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जवान अक्षय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अक्षय उसी STF टीम का हिस्सा था, जो कथित एनकाउंटर के दौरान मौके पर मौजूद थी. भरत तिवारी की मां ने शुरू से ही उस पर हत्या का आरोप लगाया था और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी.
भरत तिवारी की मौत के बाद यह मामला लगातार विवादों में रहा. परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को फर्जी एनकाउंटर बताते हुए न्याय की मांग की थी. उनका आरोप था कि भरत की हत्या की गई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. अब आरोपी जवान की गिरफ्तारी के बाद जांच में तेजी आने और मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है.
इससे पहले भरत तिवारी के परिजनों ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर अपनी शिकायत और मांगें रखी थीं. इसके बाद राज्य सरकार ने मामले में कार्रवाई शुरू की. एनकाउंटर के समय भोजपुर के जगदीशपुर के एसडीपीओ रहे राजेश कुमार शर्मा को उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया. बाद में उन्हें मद्य निषेध विभाग में डीएसपी बनाया गया था, लेकिन विवाद बढ़ने पर उन्हें वहां से भी हटाकर मुख्यालय वापस बुला लिया गया.
सरकार ने इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई करते हुए जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीओ संजीत कुमार को पद से हटा दिया और सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया. उनकी भूमिका को लेकर भी कई सवाल उठाए गए थे.
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन गया था. विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे. सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा हुई और लोगों ने दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
फिलहाल STF जवान अक्षय की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां एनकाउंटर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं. अब यह पता लगाया जाएगा कि गोली किन परिस्थितियों में चलाई गई, क्या पुलिस ने निर्धारित नियमों का पालन किया था और घटना में किसी स्तर पर कोई अनियमितता या आपराधिक जिम्मेदारी बनती है या नहीं. जांच के नतीजे आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.