Knews Desk- लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, एनटीए की कार्यप्रणाली, उत्तर प्रदेश की शिक्षा नीति और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जिन लोगों से राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी नहीं रुक सकी, वे देश में पेपर लीक कैसे रोकेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसकी बुनियाद कमजोर कर रही है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि देशभर में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं, जिससे गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनके मुताबिक सरकार की नीतियां शिक्षा को सभी तक पहुंचाने के बजाय उसे सीमित करने वाली हैं।
NTA और पेपर लीक पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में कार्रवाई की बात तो कही, लेकिन यह नहीं बताया कि किन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई और उन्हें वहां किस आधार पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने पूछा कि यदि नई व्यवस्था लागू हो चुकी है, तो 10वीं और 12वीं जैसी परीक्षाओं के पेपर बार-बार लीक क्यों हो रहे हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने नीट पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए उन छात्रों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने कथित तौर पर इस मामले से परेशान होकर अपनी जान गंवाई। उन्होंने मांग की कि ऐसे प्रत्येक परिवार को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
‘इमरजेंसी से भी बदतर हैं हालात’
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने इमरजेंसी का दौर नहीं देखा, लेकिन वर्तमान समय में हो रहे अन्याय को उससे भी ज्यादा गंभीर बताया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को निशाना बना रही है। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों को जनता और भगवान दोनों माफ नहीं करेंगे।