Knews Desk– ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय लॉन बॉल्स टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है। महिला पेयर्स स्पर्धा में रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की जोड़ी ने लगातार दूसरा मुकाबला जीतकर भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका को 2-0 (6-4, 7-5) से हराने के बाद अब अनुभवी खिलाड़ी पिंकी सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 45 वर्षीय पिंकी न सिर्फ भारत की सबसे अनुभवी एथलीट्स में शामिल हैं, बल्कि उनकी संघर्ष भरी जिंदगी भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है।
पिंकी सिंह का खेल करियर लॉन बॉल्स से नहीं, बल्कि क्रिकेट से शुरू हुआ था। साल 2007 में उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में क्रिकेट कोच के तौर पर काम शुरू किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात लॉन बॉल्स से हुई और उन्होंने इस खेल को अपनाने का फैसला किया। लगातार मेहनत और समर्पण के दम पर उन्होंने खुद को देश की शीर्ष लॉन बॉल्स खिलाड़ियों में शामिल कर लिया।पिंकी सिंह 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम का हिस्सा थीं। उस जीत ने भारतीय लॉन बॉल्स को नई पहचान दिलाई और पिंकी का नाम देशभर में चर्चित हो गया।
हालांकि उनकी निजी जिंदगी आसान नहीं रही। साल 2019 में शादी के बाद रिश्तों में तनाव शुरू हो गया और 2021 में उन्होंने तलाक की अर्जी दाखिल की। कोविड-19 महामारी के कारण कानूनी प्रक्रिया लंबी चली और आखिरकार 2022 में उनका तलाक हो गया। उसी दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियां भी चल रही थीं। मानसिक तनाव और निजी परेशानियों के बावजूद पिंकी ने हार नहीं मानी और खुद को पूरी तरह खेल पर केंद्रित रखा।बर्मिंघम 2022 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल दिलाया। यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं थी, बल्कि उनके संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की सबसे बड़ी मिसाल भी बन गई।
पिंकी सिंह का रिकॉर्ड भी बेहद शानदार है। उन्होंने एशियन लॉन बॉल्स चैंपियनशिप में 2017, 2023 और 2025 में तीन स्वर्ण पदक जीते हैं। इसके अलावा उनके नाम एक रजत और दो कांस्य पदक भी दर्ज हैं। एशिया पैसिफिक गेम्स में भी उन्होंने भारत के लिए कांस्य पदक हासिल किया है।ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पिंकी सिंह और रूपा रानी तिर्की की जोड़ी लगातार दो मुकाबले जीत चुकी है। इस प्रदर्शन के बाद भारत की स्वर्ण पदक की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। अब पूरे देश की नजरें पिंकी सिंह पर हैं, जिन्होंने साबित कर दिया है कि जीवन की सबसे कठिन चुनौतियां भी किसी खिलाड़ी के हौसले को नहीं तोड़ सकतीं।