PM मोदी के वीडियो संदेश पर राहुल गांधी का पलटवार, छात्रों की मांगों को लेकर उठाए सवाल

KNEWS DESK- कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की मुख्य मांगों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए और उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के देर रात जारी वीडियो संदेश में इस मुद्दे पर कोई बात नहीं की गई। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से समझना चाहिए।

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में तीन प्रमुख मांगें दोहराईं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित मारपीट करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हुए कहा कि छात्रों की समझ और उनकी समस्याओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने की बात करने से छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामले पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित कानून पर चर्चा की जाएगी और इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में पेपर लीक के खिलाफ सख्त प्रावधानों वाला विधेयक पेश किया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। उन्होंने बताया कि करीब 22 लाख छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई और समय पर परिणाम जारी किए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल परीक्षा कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि प्रस्तावित कानून में पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़े प्रावधान शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया संदेश के जरिए भी कहा था कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और विपक्षी दलों का विरोध जारी है। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परीक्षा सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अब इस मामले को लेकर संसद में होने वाली चर्चा और सरकार की ओर से लाए जाने वाले प्रस्तावित विधेयक पर सभी की नजर है।

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