KNEWS DESK- संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी पर बड़ी कार्रवाई हुई है। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें पूरे मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया है। उन पर महिला सांसदों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। कार्रवाई के बाद उन्हें तत्काल संसद परिसर छोड़ने का निर्देश दिया गया।
यह कार्रवाई महिला सांसदों की ओर से की गई शिकायत के बाद हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कल्याण बनर्जी ने सदन की गरिमा और संसदीय मर्यादा के विपरीत व्यवहार किया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से उनके निलंबन का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
सदन में हुई तीखी बहस और नोकझोंक
मामला उस समय सामने आया जब बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण स्थगित होने के बाद सदन परिसर में कल्याण बनर्जी और कुछ महिला सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
बताया गया कि विवाद में तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए गुट की महिला सांसद मिताली बाग, शताब्दी राय और काकोली घोष दस्तीदार शामिल थीं। हालांकि, विवाद की शुरुआत किस मुद्दे को लेकर हुई, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। विपक्ष के कुछ सांसदों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। बाद में जब कुछ सांसदों ने इस घटना के बारे में कल्याण बनर्जी से जानकारी मांगी तो वह सदन से बाहर चले गए।
महिला सांसदों की शिकायत पर हुई कार्रवाई
महिला सांसदों की शिकायत के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने मामले पर चर्चा की। इसके बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कल्याण बनर्जी को सत्र की बची हुई अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पर सदन में मतदान कराया गया और ध्वनिमत से इसे मंजूरी दे दी गई। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कल्याण बनर्जी को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए सदन की कार्यवाही से दूर रहने का आदेश दिया।
पहले भी की गई थी शिकायत
कल्याण बनर्जी के खिलाफ पहले भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी थी। 10 जून को सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत देकर उनके व्यवहार पर सवाल उठाए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कल्याण बनर्जी ने संसद और महिला सांसदों की गरिमा का ध्यान नहीं रखा। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर निष्कासन पर विचार करने की मांग की गई थी।
लगाए गए आरोप
शिकायत में कल्याण बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें महिला सांसदों के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल, व्यक्तिगत टिप्पणियां करना और संसदीय मर्यादा के अनुरूप व्यवहार नहीं करने जैसे आरोप शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनका व्यवहार एक बार की घटना नहीं बल्कि लगातार जारी रहने वाला आचरण है, जिससे संसद का माहौल प्रभावित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे व्यवहार से महिला सांसदों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है और उनकी स्वतंत्र भागीदारी प्रभावित होती है।
TMC से अलग हुए सांसदों का विवाद
दरअसल, पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसदों ने पार्टी नेतृत्व से अलग होकर एक नया गुट बनाया था। ये सांसद लोकसभा में TMC सांसदों से अलग बैठते हैं। इस गुट के सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के प्रति समर्थन भी जताया है। इसी राजनीतिक खींचतान के बीच कल्याण बनर्जी और अलग हुए सांसदों के बीच तनाव बढ़ता नजर आया है।
संसद में बढ़ा सियासी तनाव
कल्याण बनर्जी के निलंबन के बाद संसद का माहौल और गरमा गया है। जहां सत्ता पक्ष ने इसे संसदीय गरिमा बनाए रखने की कार्रवाई बताया है, वहीं विपक्षी दलों की ओर से इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है। फिलहाल कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। यह मामला संसद में अनुशासन, मर्यादा और सांसदों के आचरण को लेकर एक बार फिर बहस का विषय बन गया है।