क्या AI चोरी-छिपे कर रहा है पर्सनल डेटा का इस्तेमाल? ChatGPT और Gemini में ऐसे सुरक्षित रखें अपना डेटा

KNEWS DESK- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट्स आज लाखों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। चाहे ईमेल लिखना हो, किसी विषय पर जानकारी जुटानी हो, ट्रिप की योजना बनानी हो या फिर कोडिंग से जुड़ी समस्याओं का समाधान खोजना हो, ChatGPT और Google Gemini जैसे प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। लेकिन इन सुविधाओं के साथ एक बड़ा सवाल भी जुड़ा है—क्या आपकी निजी बातचीत का इस्तेमाल AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए किया जा रहा है?

कई यूजर्स इस बात से अनजान रहते हैं कि वे जिन चैटबॉट्स का उपयोग कर रहे हैं, उनमें की गई कुछ बातचीत का उपयोग सेवाओं को बेहतर बनाने और AI मॉडल्स के प्रशिक्षण के लिए किया जा सकता है। हालांकि, कंपनियां यूजर्स को ऐसे विकल्प भी देती हैं जिनकी मदद से वे अपने डेटा के उपयोग को सीमित कर सकते हैं।

ChatGPT में कैसे रोकें डेटा का इस्तेमाल?

यदि आप ChatGPT का उपयोग करते हैं और नहीं चाहते कि आपकी नई बातचीत AI मॉडल को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल हो, तो इसके लिए सेटिंग्स में बदलाव किया जा सकता है।

सबसे पहले अपने ChatGPT अकाउंट में लॉग इन करें। इसके बाद प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करके Settings में जाएं। यहां Data Controls सेक्शन खोलें और “Improve the model for everyone” विकल्प को बंद कर दें। यह सेटिंग बंद करने के बाद आपकी भविष्य की चैट्स का उपयोग मॉडल ट्रेनिंग के लिए नहीं किया जाएगा। यदि आप पहले की बातचीत भी हटाना चाहते हैं, तो उसी सेक्शन में जाकर चैट हिस्ट्री डिलीट करने का विकल्प चुन सकते हैं।

Google Gemini में ऐसे करें प्राइवेसी सेटिंग्स मैनेज

Google Gemini इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को डेटा कलेक्शन सीमित करने के लिए कुछ अतिरिक्त सेटिंग्स पर ध्यान देना होगा। सबसे पहले Google की Web & App Activity सेटिंग्स में बदलाव करें। इसके लिए My Activity पेज पर जाकर Web & App Activity विकल्प खोलें और इसे बंद कर दें। इससे नई सर्च गतिविधियों और ऐप उपयोग से जुड़ा डेटा सीमित किया जा सकता है।

इसके अलावा Gemini की एक्टिविटी सेटिंग्स में जाकर Gemini Activity विकल्प को भी बंद किया जा सकता है। यूजर्स चाहें तो इसी सेक्शन से पुरानी Gemini चैट्स और एक्टिविटी को भी डिलीट कर सकते हैं।

क्यों जरूरी है डेटा प्राइवेसी पर ध्यान देना?

AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल करते समय लोग अक्सर व्यक्तिगत जानकारी, ऑफिस से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय जानकारी या निजी सवाल भी साझा कर देते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि कौन-सा डेटा सेव हो सकता है और उसकी सेटिंग्स को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी AI प्लेटफॉर्म पर संवेदनशील जानकारी साझा करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा कंट्रोल सेटिंग्स को जरूर समझ लें। इससे न केवल आपकी गोपनीयता सुरक्षित रहती है, बल्कि आप यह भी तय कर सकते हैं कि आपकी जानकारी का इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाए।

AI का इस्तेमाल करें, लेकिन सतर्क रहें

AI टूल्स काम को आसान और तेज बनाने में मददगार हैं, लेकिन डिजिटल प्राइवेसी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ChatGPT और Gemini जैसे प्लेटफॉर्म यूजर्स को डेटा कंट्रोल के विकल्प देते हैं, जिनका सही इस्तेमाल करके अपनी निजी जानकारी को अधिक सुरक्षित रखा जा सकता है।

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