KNEWS DESK- NEET UG 2026 के परिणाम जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर OMR शीट में बदलाव और कम अंक मिलने के कई दावे सामने आए। इन दावों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मामले की जांच शुरू की और अब अपनी प्रारंभिक जांच में पांच उम्मीदवारों के आरोपों को फर्जी करार दिया है। एजेंसी का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई OMR शीट्स डिजिटल रूप से एडिट की गई थीं और आधिकारिक रिकॉर्ड में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं मिली।
NTA ने स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं, उनकी मूल OMR शीट एजेंसी के रिकॉर्ड में सुरक्षित है और परीक्षा के दौरान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार OMR रिस्पॉन्स की चैलेंज विंडो में संबंधित उम्मीदवारों की पंजीकृत ई-मेल आईडी पर भी भेजी गई थी।
AI और डिजिटल एडिटिंग से तैयार की गई फर्जी OMR
NTA के अनुसार, जांच में पता चला कि वायरल OMR शीट्स को AI, OCR आधारित टूल्स और अन्य डिजिटल एडिटिंग तकनीकों की मदद से बदला गया। एजेंसी ने कहा कि मूल रिकॉर्ड से तुलना करने पर सभी उम्मीदवारों के परिणाम सही पाए गए हैं और घोषित अंक ही अंतिम एवं वैध रहेंगे।
NTA ने यह भी चेतावनी दी कि फर्जी OMR शीट तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना या परीक्षा परिणाम बदलवाने की कोशिश करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अवनीश श्रीवास्तव का मामला
अवनीश श्रीवास्तव के मामले में NTA ने बताया कि वायरल OMR शीट में उम्मीदवार का नाम, माता-पिता का नाम और अन्य पहचान संबंधी विवरण बदल दिए गए थे। एजेंसी के अनुसार, NEET UG 2026 के रिकॉर्ड में वायरल दस्तावेज में दर्ज नाम और विवरण वाला कोई उम्मीदवार मौजूद ही नहीं है।
NTA ने कहा कि अवनीश की मूल OMR शीट पूरी तरह सुरक्षित है और उनका 337 अंक का परिणाम सही एवं सत्यापित है। यही स्कोर अंतिम रूप से मान्य रहेगा।
अभय यादव के दावे भी गलत
अभय यादव ने दावा किया था कि उन्होंने केवल पांच प्रश्न छोड़े थे और उन्हें लगभग 634 अंक मिलने चाहिए थे। हालांकि NTA की जांच में पाया गया कि उन्होंने 180 में से 44 प्रश्नों के उत्तर नहीं दिए थे।
एजेंसी ने कहा कि OMR शीट और स्कोर कैलकुलेशन रिकॉर्ड पूरी तरह मेल खाते हैं। इसलिए अभय यादव का 164 अंक का परिणाम सही पाया गया है।
प्रतिभा त्रिवेदी और लक्ष्य सिंह के मामले
प्रतिभा त्रिवेदी की वायरल OMR शीट को भी NTA ने डिजिटल रूप से एडिट किया गया दस्तावेज बताया। जांच के बाद एजेंसी ने उनके 38 अंक के परिणाम को सही माना।
वहीं लक्ष्य सिंह के मामले में NTA ने कहा कि वायरल OMR शीट में कई अतिरिक्त उत्तरों को डिजिटल तरीके से भरा गया था। रिकॉर्ड के अनुसार लक्ष्य ने 180 में से केवल 54 प्रश्नों का उत्तर दिया था, जिनमें 34 सही और 20 गलत थे। उनका 116 अंक का परिणाम सही पाया गया।
आर्या सिंह की OMR में समय बदलने का दावा
आर्या सिंह के मामले में NTA ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल OMR शीट में इनविजिलेटर के हस्ताक्षर का समय बदल दिया गया था। मूल OMR शीट में समय 3:45 PM दर्ज था, जबकि वायरल तस्वीर में इसे 2:45 PM कर दिया गया था। एजेंसी ने जांच में कई अन्य डिजिटल बदलाव भी पाए। NTA ने स्पष्ट किया कि आर्या सिंह का 167 अंक का स्कोर पूरी तरह सत्यापित है और यही अंतिम परिणाम रहेगा।
NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और एजेंसी द्वारा जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों और एडिटेड दस्तावेजों से भ्रमित न हों। एजेंसी ने दोहराया कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और किसी भी शिकायत की जांच आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है। साथ ही फर्जी दस्तावेज बनाकर परिणाम बदलने या गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।