अहमदाबाद विमान हादसा: ब्लैक बॉक्स और CVR डेटा जारी करने की मांग, पीड़ित परिवारों ने उठाई पारदर्शिता की आवाज

AAIB ने गोपनीयता का हवाला देकर जानकारी साझा करने से किया इनकार, परिजनों को अक्टूबर तक फाइनल रिपोर्ट का इंतजार

Knews Desk- अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे की जांच को लेकर मृतकों के परिवारों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। पीड़ित परिजनों ने अब विमान के ब्लैक बॉक्स डेटा और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि हादसे की असली वजह सामने आनी चाहिए और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।

यह मांग अहमदाबाद में हुई पीड़ित परिवारों की बैठक में उठाई गई। यह बैठक एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के उस जवाब के बाद हुई, जिसमें एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि जांच पूरी होने तक ब्लैक बॉक्स डेटा और कॉकपिट रिकॉर्डिंग से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।

12 जून को हुआ था भीषण विमान हादसा

बता दें कि एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान का मलबा अहमदाबाद के BJ मेडिकल कॉलेज हॉस्टल परिसर में गिरा था।

इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी जान चली गई थी।

परिजनों ने उठाए सवाल

हादसे में अपने भाई, भतीजी और चाची को खोने वाले रोमिन वोहरा ने कॉकपिट रिकॉर्डिंग जारी नहीं करने के फैसले पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि परिवार यह जानना चाहता है कि हादसे के पीछे असल कारण क्या था और जांच में पूरी जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है।

परिजनों की मांग है कि ब्लैक बॉक्स का पूरा डेटा या तो सार्वजनिक किया जाए या फिर उन्हें और उनके कानूनी प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि केवल अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना काफी नहीं है, बल्कि जांच प्रक्रिया में भी स्पष्टता होनी चाहिए।

AAIB ने बताया गोपनीय रखने का कारण

वहीं, AAIB का कहना है कि विमान हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए कुछ जानकारियों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। एजेंसी के मुताबिक, गवाहों के बयान, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर ट्रांसक्रिप्ट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल की बातचीत और मेडिकल रिकॉर्ड जैसी संवेदनशील जानकारियों को गोपनीय रखना जरूरी है, ताकि भविष्य की विमान दुर्घटना जांच प्रभावित न हो।

AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि हादसे की ड्राफ्ट फाइनल रिपोर्ट अक्टूबर तक तैयार होने की उम्मीद है।

स्थायी स्मारक बनाने की भी मांग

विमान हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों ने घटनास्थल पर एक स्थायी स्मारक बनाने की मांग भी दोहराई है। परिजनों ने सरकार, एअर इंडिया और टाटा समूह से अपील की है कि मृतकों की याद में स्मारक के लिए जमीन और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

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