KNEWS DESK- विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों और खासतौर पर युवाओं के नाम एक प्रेरक संदेश जारी किया। उन्होंने अपनी ‘पाती’ (पत्र) के माध्यम से युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल विकास पर ध्यान देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में युवाओं का हुनर ही उनकी आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और सफलता का सबसे बड़ा आधार है।
सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि कौशल केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता भी देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी पारंपरिक पढ़ाई के साथ कम से कम एक व्यावसायिक कौशल जरूर सीखें, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कर्म और कौशल को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान बताते हुए त्रेतायुग में भगवान राम की ओर से बनाए गए रामसेतु का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि रामसेतु निर्माण कार्यकुशलता, सामूहिक प्रयास और नवाचार का प्रतीक है। इसी भावना के साथ युवाओं को अपने कौशल को विकसित कर नए अवसरों का निर्माण करना चाहिए।
सीएम योगी ने कौशल के जरिए जीवन बदलने का उदाहरण देते हुए सोनभद्र की हेमा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हेमा ने सीमित संसाधनों के साथ फर्नीचर व्यवसाय की शुरुआत की थी और अपने हुनर व मेहनत के दम पर इसे सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। यह इस बात का उदाहरण है कि सही कौशल और मेहनत से कोई भी व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक मजबूत कौशल प्रदेश बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर युवाओं के लिए ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ जैसी पहलों की शुरुआत की गई है, जिनका उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई के साथ-साथ निशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा ‘स्किल फॉर जीरो पॉवर्टी’ पहल के माध्यम से गरीब परिवारों के सदस्यों को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में MSME सेक्टर ने बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। साथ ही राज्य अब आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ जैसी पहल के जरिए युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस पहल ने प्रदेश के पारंपरिक हुनर और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और अपने अनुभवों को साझा कर अन्य युवाओं को भी प्रेरित करें।
सीएम योगी ने अपने संदेश के अंत में कहा कि कौशल विकास ही युवाओं को आत्मनिर्भर भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाएगा।