Knews Desk- 2008 के 26/11 आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था के तहत ताज महल पैलेस होटल के आसपास लगाए गए बैरिकेड अब होटल प्रबंधन के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं। करीब 17 साल बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने होटल को सार्वजनिक सड़क और फुटपाथ के इस्तेमाल के बदले 22.03 करोड़ रुपये का ऑक्यूपेशन चार्ज जमा करने का नोटिस भेजा है।
BMC ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में राशि जमा नहीं की गई तो बकाया रकम पर 15 प्रतिशत ब्याज भी वसूला जाएगा। नोटिस मिलने के बाद होटल प्रबंधन में हलचल तेज हो गई है।
सुरक्षा के नाम पर घेरा गया था सार्वजनिक क्षेत्र
जानकारी के मुताबिक, 26/11 हमले के बाद साल 2009 में ताज होटल ने सुरक्षा कारणों से अपने आसपास की सड़कों और फुटपाथों पर बैरिकेडिंग कर दी थी। इसके चलते करीब 800 वर्ग मीटर सड़क और 1100 वर्ग मीटर से ज्यादा फुटपाथ क्षेत्र होटल के सुरक्षा घेरे में आ गया।
BMC का कहना है कि यह सार्वजनिक जगह है, जिसके इस्तेमाल के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। इसी आधार पर निगम ने होटल प्रबंधन से करोड़ों रुपये की मांग की है।
पहले मिली थी छूट, अब खत्म हुआ फैसला
इस मामले में पहले भी विवाद सामने आया था। दिसंबर 2020 में BMC की स्थायी समिति ने ताज होटल और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को नोटिस जारी किया था। हालांकि, उस समय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कारणों को देखते हुए सड़क इस्तेमाल शुल्क में 50 प्रतिशत की राहत दी गई थी, जबकि फुटपाथ शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया था।
लेकिन साल 2025 में BSE ने अपना पूरा बकाया चुकाने का फैसला किया। इसके बाद BMC अधिकारियों ने अन्य संस्थानों को मिली छूट खत्म करने का निर्णय लिया, जिसके बाद अब ताज होटल को नया नोटिस जारी किया गया है।
होटल प्रबंधन ने उठाए सवाल
वहीं, ताज होटल प्रबंधन का कहना है कि बैरिकेडिंग किसी व्यावसायिक कब्जे के लिए नहीं की गई थी, बल्कि होटल और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाई गई थी।
होटल प्रशासन ने BMC के अधिकारियों से बातचीत शुरू कर दी है और उम्मीद जताई है कि इस मामले में जल्द कोई समाधान निकलेगा।
अब देखना होगा कि करोड़ों रुपये के इस विवाद में BMC और ताज होटल के बीच क्या सहमति बनती है।