उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी तैयारियां तेज हो गई है. मुख्य मुकाबला एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच नज़र आ रहा है. भाजपा अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को गिना रही है, तो कांग्रेस सरकार की कमियों को जनता के सामने रख रही है. वर्तमान में एक बार फिर सत्ताधारी राज्य सरकार प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा यानी जन-जन की सरकार अभियान का दूसरा चरण चला रही है. इसके तहत सभी विभाग दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहे हैं. सरकार का मानना है कि इसका उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे और किसी को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े. वहीं कांग्रेस इस अभियान को हवाहवाई और दिखावा बता रही है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार योजनाओं को समय पर धरातल पर नहीं ला पाई, इसलिए अब चुनाव से पहले ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है. कांग्रेस के अनुसार महंगाई, भ्रष्टाचार, लंबित कई कार्य और मुख्य रूप से युवाओं व छात्रों से जुड़े बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे अब भी अहम हैं. वही अब तक प्रदेश कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं के बाद इन मुद्दों को जनता व युवाओं के बीच उठाने के लिए और कांग्रेस को मजबूती देने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 17 जुलाई को देहरादून आ रहे हैं, जिस दौरान वह छात्रों की गूंज कार्यक्रम के तहत युवाओं से संवाद करेंगे. लेकिन राहुल गांधी के आने से पहले ही विषय ने अलग तूल भी पकड़ा, आपको बता दे कि उनके छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए कांग्रेस द्वारा पहले देहरादून के परेड ग्राउंड को चुना गया था, लेकिन प्रशासन ने अनुमति रद्द कर दी, इसके विरोध में मंगलवार देर रात प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, बाद में कार्यक्रम का स्थल बन्नू स्कूल मैदान तय किया गया. वही अब राहुल गांधी के दौरे से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है.
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है. भाजपा और कांग्रेस एक बार फिर आमने सामने हैं.सत्ताधारी भाजपा सरकार इन दिनों सेवा पखवाड़ा और जन-जन की सरकार अभियान के तहत फील्ड में है. राज्य सरकार के सभी विभाग गांव व दूरदराज तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और समाधान दे रहे हैं. जिसके चलते भाजपा का जनता के बीच विश्वास भी अटूट नज़र आ रहा है. वहीं कांग्रेस ने इस अभियान को चुनावी स्टंट बताया है. पार्टी का आरोप है कि 5 साल तक योजनाएं जमीन पर नहीं उतरीं, अब चुनाव से पहले ध्यान भटकाने के लिए यह ड्रामा किया जा रहा है. वही अब तक जहाँ कांग्रेस के नेता भाजपा सरकार की नाकामियों को पेश करते दिखाई दे रहे थें वही कांग्रेस को नया जोश देने 17 जुलाई को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देहरादून पहुंच रहे हैं. जिस दौरान वह बेरोजगारी और छात्रों से जुड़ी समस्याओं को लेकर छात्रों की गूंज कार्यक्रम में प्रदेश के युवाओं और छात्रों से बातचीत करेंगे. लेकिन इस बीच दोनो दलों में आपसी बयानबाज़ी भी तेज़ हो गई है, जहाँ एक ओर लगातार भाजपा राहुल गांधी के दौरे को लेकर तंज कस्ती दिखाई दे रही है वही कांग्रेस भी सेवा पखवाड़े और कई विषयो पर पलटवार करती दिखाई दे रही है.
कुल मिलाकर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की सियासत पूरी तरह गरमा गई है. एक तरफ भाजपा सेवा पखवाड़ा के जरिए सरकार की उपलब्धियां गिना कर जनता का भरोसा जीतने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को उठाकर सत्ता पर हमला तेज कर रही है. वही राहुल गांधी के 17 जुलाई के दौरे और छात्रों की गूंज कार्यक्रम से कांग्रेस को उम्मीद है कि युवा वोटबैंक साधा जा सकेगा, वहीं भाजपा इसे चुनावी नौटंकी बता रही है और कांग्रेस भाजपा के सेवा पखवाड़े को टारगेट सेट करना करार कर रही है. बरहाल यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि जनता किसके दावों पर मुहर लगाती है, सरकार के सेवा पखवाड़े जैसे अभियान पर या विपक्ष के छात्रो की गूंज जैसे कार्यक्रमों पर।