KNEWS DESK- समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के लिए पहचाने जाने वाले सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वांगचुक पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। अखिलेश यादव ने फोन पर उनसे बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनसे जनहित में अनशन खत्म करने का आग्रह किया।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सोनम वांगचुक के सत्याग्रह को अपना खुला समर्थन दिया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने वांगचुक से बात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनसे अनशन तोड़ने की अपील की है। अखिलेश ने कहा कि देश की युवा शक्ति, उनके परिवार और अभिभावकों की भी यही इच्छा है कि वांगचुक अपने स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करें।
सपा प्रमुख ने कहा कि सोनम वांगचुक के नैतिक बल की देश को जरूरत है। उन्होंने अपील की कि वांगचुक कुछ दिनों तक स्वास्थ्य लाभ लें, नई ऊर्जा जुटाएं और इसके बाद अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएं। अखिलेश यादव ने अपने संदेश में भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और जनहित के मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों को व्यापक समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर दुनियाभर से चिंता जताई जा रही है और इससे देश की लोकतांत्रिक छवि को लेकर भी चर्चा हो रही है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा शासन में लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर दुनिया में भारत की छवि प्रभावित हो रही है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में नीट परीक्षा विवाद और अन्य घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों का समाज में विशेष महत्व है और इनसे जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। गौरतलब है कि सोनम वांगचुक अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे हैं। उनके आंदोलन में शिक्षा व्यवस्था, युवाओं से जुड़े मुद्दों और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। अखिलेश यादव के समर्थन और अनशन खत्म करने की अपील के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है।