KNEWS DESK- मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। इस मामले पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है और इससे जुड़ी कई याचिकाएं विभिन्न अदालतों में लंबित हैं।
सुप्रीम कोर्ट में इस बार सिर्फ मुख्य विवाद पर ही नहीं, बल्कि एक अहम कानूनी सवाल पर भी सुनवाई होनी थी। अदालत को यह तय करना था कि हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल विभिन्न याचिकाओं में से किसे रिप्रेजेंटेटिव सूट (Representative Suit) माना जाए। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रतिनिधि वाद माने जाने पर उस मुकदमे का प्रभाव समान हित रखने वाले अन्य पक्षों पर भी पड़ सकता है।
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सूट नंबर-17 को रिप्रेजेंटेटिव सूट माना था। हालांकि, इस फैसले पर हिंदू पक्ष के कई अन्य याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उनकी ओर से दायर याचिकाएं अलग-अलग तथ्यों, कानूनी आधारों और मांगों पर आधारित हैं। ऐसे में केवल सूट नंबर-17 को प्रतिनिधि मुकदमा मानना उचित नहीं होगा। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि प्रत्येक याचिका में अलग कानूनी और तथ्यात्मक पहलू उठाए गए हैं, इसलिए सभी मामलों पर स्वतंत्र रूप से सुनवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि केवल एक याचिका को प्रतिनिधि मान लिया गया, तो अन्य पक्षों के तर्क और दावों पर पर्याप्त विचार नहीं हो सकेगा।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े कई मुकदमे इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी लंबित हैं। इनमें शाही ईदगाह परिसर के सर्वे, स्वामित्व अधिकार और धार्मिक स्थल से जुड़े विभिन्न दावे शामिल हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का प्रतिनिधि वाद से जुड़ा फैसला आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 12 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है। अब सभी पक्षों की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां प्रतिनिधि वाद के मुद्दे के साथ-साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा तय हो सकती है।