KNEWS DESK – बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान इन दिनों अपनी तीसरी शादी को लेकर चर्चा में हैं। गौरी स्प्रैट के साथ शादी के बाद जहां फैंस ने उन्हें शुभकामनाएं दीं, वहीं कुछ लोगों ने इस रिश्ते पर सवाल भी उठाए। सोशल मीडिया पर आमिर खान पर लव जिहाद जैसे आरोप लगाए गए, जिसके बाद अब अभिनेता ने पहली बार इन विवादों पर खुलकर अपनी बात रखी है।
आमिर खान ने साफ कहा है कि उनकी किसी भी पत्नी ने शादी के बाद अपना धर्म नहीं बदला है। उन्होंने बताया कि गौरी स्प्रैट क्रिश्चियन हैं और उनकी शादी एक सिविल मैरिज है, जिसमें धर्म परिवर्तन जैसी कोई बात नहीं हुई।
शादी और धर्म को लेकर आमिर ने रखी अपनी बात
दरअसल, 5 जुलाई को आमिर खान और गौरी स्प्रैट की सिविल मैरिज की खबर सामने आई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ नेताओं और यूजर्स ने उनकी शादी को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाए कि यह लव जिहाद का मामला है।
अब आमिर खान ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि धर्म कभी भी उनके निजी रिश्तों के बीच नहीं आया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनकी शादियां हमेशा आपसी सम्मान और समझ पर आधारित रही हैं।
‘गौरी, किरण और रीना ने नहीं बदला धर्म’
आमिर खान ने अपनी पहली पत्नी रीना दत्ता, दूसरी पत्नी किरण राव और अब तीसरी पत्नी गौरी स्प्रैट को लेकर कहा कि किसी ने भी अपना धर्म नहीं बदला।
उन्होंने कहा, “गौरी, किरण या रीना में से किसी ने भी अपना धर्म नहीं बदला, क्योंकि हमारी शादियां सिविल मैरिज थीं।”
आमिर ने यह भी बताया कि गौरी हिंदू नहीं बल्कि क्रिश्चियन हैं और वह धार्मिक गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय नहीं रहती हैं।
परिवार में पहले से स्वीकार किए जाते रहे हैं अलग धर्मों के रिश्ते
अभिनेता ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके घर में अलग-अलग धर्मों के रिश्तों को हमेशा स्वीकार किया गया है। उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बहनों की शादी हिंदू परिवारों में हुई है और उनकी बेटी की शादी भी एक हिंदू युवक से हुई है।
आमिर ने कहा कि उनका परिवार हमेशा से मिलनसार और सभी धर्मों का सम्मान करने वाला रहा है। उन्होंने अपने कजिन मंसूर की क्रिश्चियन महिला से शादी का भी जिक्र किया।
आमिर खान के खिलाफ फतवे की चर्चा
वहीं, दूसरी ओर खबरें सामने आईं कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इब्राहिम हुसैन ने आमिर खान की शादी को लेकर फतवा जारी किया है।
बताया जा रहा है कि फतवे में मुस्लिम पुरुष और गैर-मुस्लिम महिला के बीच शादी को लेकर धार्मिक नियमों का हवाला दिया गया है। हालांकि, आमिर खान ने इन विवादों से अलग अपने रिश्ते को निजी पसंद और आपसी सम्मान का मामला बताया है।