Knews Desk- अयोध्या स्थित राम मंदिर के चंदा चोरी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई होने जा रही है। इस मामले में दाखिल चार अलग-अलग याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है।
मामले में दाखिल याचिकाओं में हिंदू धर्मपरिषद की याचिका भी शामिल है, जिसमें कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई है। इसके अलावा कुछ याचिकाओं में पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है, जबकि एक अन्य याचिका में सीबीआई की विशेष जांच टीम (SIT) से जांच, सबूतों को सुरक्षित रखने और मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि राम मंदिर के नाम पर जुटाई गई राशि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी हुई है। इसलिए मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी और न्यायिक निगरानी में होनी चाहिए, ताकि जांच प्रक्रिया पर किसी तरह का सवाल न उठे। उनका दावा है कि पारदर्शी जांच से ही सच्चाई सामने आ सकेगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो पाएगी। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी की ओर से दायर रिट याचिका, अजय कुमार राय की याचिका और आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह की याचिका भी शामिल हैं। इन याचिकाओं में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच और मंदिर से जुड़े आर्थिक मामलों की विस्तृत पड़ताल की मांग की गई है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भी राम मंदिर के लिए जुटाई गई धनराशि में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर एकत्रित की गई निधि के प्रबंधन में गंभीर सवाल उठे हैं और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक लेन-देन से जुड़ा नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय है। विपक्षी दल लगातार मांग कर रहे हैं कि मंदिर ट्रस्ट के चंदा प्रबंधन और वित्तीय गतिविधियों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
हालांकि, इस मामले में अंतिम फैसला और आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी। अदालत यह तय करेगी कि जांच किस एजेंसी से कराई जाए और क्या पूरे मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जाएगी। राम मंदिर के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दान दिया है। ऐसे में चंदा प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि अदालत की टिप्पणी और निर्देश इस मामले की आगे की दिशा तय कर सकते हैं।