Knews Desk- फिरोजाबाद के रहने वाले अंकित राठौर ने लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। अंकित के मुताबिक, उन्हें खाने की नली के ऑपरेशन के लिए 2 जून को अस्पताल में भर्ती किया गया था। 8 जून को ऑपरेशन हुआ, लेकिन इसके बाद उनका बायां हाथ धीरे-धीरे काम करना बंद करने लगा। पीड़ित का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान हाथ में गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने की वजह से संक्रमण फैल गया।
रेफर होने के बाद भी नहीं मिला इलाज
परिजनों का कहना है कि 19 जून को हालत बिगड़ने पर लोहिया संस्थान ने प्लास्टिक सर्जरी और वैस्कुलर सर्जरी की सुविधा न होने का हवाला देते हुए मरीज को एसजीपीजीआई और केजीएमयू रेफर कर दिया। आरोप है कि दोनों संस्थानों में भर्ती नहीं हो सकी, जिसके बाद 24 जून को अंकित को दोबारा लोहिया संस्थान लाया गया। जांच में हाथ में गंभीर संक्रमण मिलने पर डॉक्टरों को उनका बायां हाथ काटना पड़ा।
कार्रवाई, मुआवजा और नौकरी की मांग
अंकित राठौर ने पूरे मामले को चिकित्सा लापरवाही बताते हुए दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है। उनका कहना है कि इलाज में हुई कथित लापरवाही की वजह से उन्हें जीवनभर के लिए शारीरिक नुकसान उठाना पड़ा।
सबहेड: जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने कहा कि शिकायत संज्ञान में आई है। निदेशक के निर्देश पर जांच समिति गठित की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी। यदि जांच में किसी भी डॉक्टर या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।