उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे बंद, स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन से बढ़ी परेशानी, चारधाम यात्री फंसे

Knews Desk- उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात बाधित हो गया है। स्यानाचट्टी समेत कई इलाकों में मार्ग बंद होने से चारधाम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले करीब 36 घंटे से जिले में लगातार बारिश जारी है। इसके चलते गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी, नगुण और धरासू घाट के पास बार-बार भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ियों से अचानक गिर रहे पत्थरों और मलबे के कारण सड़क पर आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई बार मार्ग खोलने के बाद भी दोबारा मलबा आने से यातायात व्यवस्था बिगड़ जा रही है।

BRO और प्रशासन की टीमें जुटीं

जिला प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें हाईवे को सुचारु करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। मशीनों की मदद से सड़क पर जमा मलबे को हटाया जा रहा है। हालांकि लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों में गिर रहे पत्थरों के कारण राहत और सड़क खोलने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

प्रशासन के अनुसार, नालूपानी क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण मार्ग को पूरी तरह खोलने में समय लग रहा है। अधिकारियों की टीमें मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

चारधाम यात्रा पर असर

गंगोत्री हाईवे बंद होने से चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा मार्ग में फंस गए हैं और उन्हें मार्ग खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। खराब मौसम के चलते गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी यात्रियों की संख्या कम दिखाई दे रही है।

हालांकि, स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को खोल दिया गया है और वहां यातायात सामान्य होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा सुवाखोली मोटर मार्ग पर रोतु की वैली के पास बंद रास्ते को भी खोल दिया गया है।

कई ग्रामीण मार्ग अभी भी बंद

बारिश और भूस्खलन के कारण जिले के कई ग्रामीण संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन के अनुसार, नाकुरी ग्रामीण मोटर मार्ग अभी भी बंद है, जिसे खोलने का काम जारी है। स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं, हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से झील जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। इससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। पिछले साल धराली क्षेत्र में आई आपदा की यादों के कारण प्रशासन इस बार विशेष सतर्कता बरत रहा है।

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। राजस्व विभाग, पुलिस, अग्निशमन विभाग, लोक निर्माण विभाग, BRO, SDRF और अन्य आपदा प्रबंधन टीमों को स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।

आपदा प्रबंधन कार्यालय को कंट्रोल रूम के रूप में सक्रिय किया गया है, जहां से जिले के सभी क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर बंद मार्गों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। मौसम में सुधार के बाद ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन और राहत टीमें यात्रियों की सुरक्षा और मार्गों को बहाल करने में जुटी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *