Knews Desk– उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने असिस्टेंट टीचर (TGT) भर्ती परीक्षा 2025 का नया परीक्षा पैटर्न और सिलेबस जारी कर दिया है। नए पैटर्न के तहत परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक मिलेगा, जबकि तीन गलत उत्तर देने पर 1 अंक की कटौती की जाएगी। यानी इस बार परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी।बेसिक शिक्षा विभाग ने भर्ती के लिए रिक्त पदों का डेटा जुटा लिया है, लेकिन अभी तक रिक्तियों का अधियाचन शिक्षा सेवा चयन आयोग के पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। अधियाचन जारी होने के बाद ही भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन और आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।
क्या है नया एग्जाम पैटर्न?
UPESSC की ओर से जारी सिलेबस के अनुसार परीक्षा पूरी तरह बहुविकल्पीय (MCQ) होगी। कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए अभ्यर्थियों को 3 घंटे का समय मिलेगा। प्रत्येक सही उत्तर पर 1 अंक मिलेगा, जबकि तीन गलत उत्तरों पर 1 अंक काटा जाएगा। ऐसे में उम्मीदवारों को सोच-समझकर सवालों के जवाब देने होंगे।नए सिलेबस में भाषा विषय को सबसे अधिक वेटेज दिया गया है। हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी से जुड़े व्याकरण, गद्यांश और पद्यांश से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। गणित से 20 प्रश्न होंगे। वहीं पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक अध्ययन, शिक्षण कौशल और बाल मनोविज्ञान से 10-10 प्रश्न शामिल किए गए हैं।इसके अलावा सामान्य ज्ञान और समसामयिक घटनाओं से 30 प्रश्न पूछे जाएंगे। तार्किक क्षमता और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से जुड़े प्रश्न भी परीक्षा का हिस्सा होंगे। साथ ही जीवन कौशल और प्रबंधन से संबंधित प्रश्न भी शामिल किए गए हैं। सभी प्रश्नों को मिलाकर कुल 150 अंकों की परीक्षा आयोजित होगी।
भर्ती नोटिफिकेशन का इंतजार
बेसिक शिक्षा विभाग ने रिक्त पदों का विवरण तैयार कर लिया है, लेकिन अभी तक इसे आयोग के पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। जैसे ही अधियाचन आयोग को प्राप्त होगा, भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद पदों की संख्या, आवेदन तिथि, पात्रता और अन्य जरूरी जानकारियां भी सार्वजनिक कर दी जाएंगी।नेगेटिव मार्किंग लागू होने के कारण इस बार अभ्यर्थियों को तैयारी के साथ-साथ परीक्षा में सही रणनीति अपनाने की भी जरूरत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भाषा, सामान्य ज्ञान और समसामयिक घटनाओं पर अच्छी पकड़ रखने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा में बढ़त मिल सकती है।