Knews Desk– फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इतिहास रचने का सिलसिला जारी है। राउंड ऑफ 16 के आखिरी मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने कोलंबिया को रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर 72 साल बाद पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त 30 मिनट तक दोनों टीमें एक भी गोल नहीं कर सकीं, जिसके बाद मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। इस जीत के सबसे बड़े हीरो स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल रहे, जिन्होंने पूरे मैच में शानदार बचाव किया और शूटआउट में भी निर्णायक सेव कर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
वैंकूवर में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही सतर्क रणनीति अपनाई। कोलंबिया ने आक्रामक खेल दिखाते हुए स्विट्जरलैंड के गोल पर लगातार हमले किए, लेकिन हर बार ग्रेगोर कोबेल दीवार बनकर खड़े रहे। उन्होंने निर्धारित समय में कई बेहतरीन सेव किए और विपक्षी टीम को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया।
दूसरी ओर, स्विट्जरलैंड ने भी कुछ अच्छे आक्रमण किए, लेकिन कोलंबिया की रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। निर्धारित 90 मिनट तक स्कोर 0-0 रहा। इसके बाद खेले गए 30 मिनट के अतिरिक्त समय में भी दोनों टीमें गोल करने में असफल रहीं। पूरे 120 मिनट के मुकाबले में कोलंबिया ने स्विट्जरलैंड के गोल पर 15 हमले किए, जिनमें से तीन शॉट सीधे गोलपोस्ट की दिशा में थे, लेकिन कोबेल ने सभी को शानदार तरीके से रोक दिया।
मुकाबले का फैसला आखिरकार पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहां दोनों टीमों के खिलाड़ियों पर भारी दबाव था। कोलंबिया के लिए दूसरी पेनल्टी पर डेविनसन सांचेज का शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया। वहीं स्विट्जरलैंड के मैनुएल अकांजी भी अपनी पेनल्टी चूक गए, जिससे मुकाबला बराबरी पर बना रहा।
शूटआउट का सबसे निर्णायक क्षण तब आया जब कोलंबिया के स्ट्राइकर कूचो हर्नांडेज चौथी पेनल्टी लेने पहुंचे। ग्रेगोर कोबेल ने शानदार डाइव लगाकर इस शॉट को रोक लिया और स्विट्जरलैंड को बढ़त दिला दी। इसके बाद स्विस खिलाड़ियों ने अपनी बाकी पेनल्टी सफलतापूर्वक गोल में बदल दीं और टीम ने शूटआउट 4-3 से अपने नाम कर लिया।
यह जीत स्विट्जरलैंड के लिए ऐतिहासिक साबित हुई। टीम ने 1954 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। करीब सात दशक के लंबे इंतजार के बाद मिली इस सफलता ने स्विस फुटबॉल के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है।
गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल का प्रदर्शन पूरे मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। यह उनके करियर का पहला विश्व कप पेनल्टी शूटआउट था और उन्होंने दबाव के बावजूद बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खुद को मैच का सबसे बड़ा नायक साबित किया।
अब क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड की चुनौती और कठिन होने वाली है, लेकिन जिस आत्मविश्वास और मजबूत डिफेंस के साथ टीम ने कोलंबिया जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराया है, उससे साफ है कि वह टूर्नामेंट में किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने का दम रखती है। फुटबॉल प्रशंसकों की नजर अब स्विट्जरलैंड के अगले मुकाबले पर होगी, जहां टीम इस ऐतिहासिक अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।