इंडोनेशिया का प्रम्बानन मंदिर: जहां दीवारों पर जीवंत है रामायण, दौरे पर जाएंगे PM मोदी

Knews Desk- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के दौरान इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर का भी दौरा करेंगे। जावा द्वीप के योग्यकार्ता शहर के पास स्थित यह मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे भव्य हिंदू मंदिरों में गिना जाता है। 9वीं शताब्दी में संजय वंश के राजा रकाई पिकातन द्वारा निर्मित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। बाद में यहां भगवान विष्णु और ब्रह्मा के मंदिर भी बनाए गए।

प्रम्बानन मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऊंची शिखर शैली और बारीक पत्थर की नक्काशी है। मंदिर परिसर में कभी 240 संरचनाएं थीं, जिनमें मुख्य और सहायक मंदिर शामिल थे। शिव मंदिर लगभग 47 मीटर ऊंचा है और इसकी दीवारों पर रामायण के प्रसंगों को बेहद सुंदर ढंग से उकेरा गया है। भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण से जुड़े दृश्य इस मंदिर को विशेष पहचान देते हैं। यहां नियमित रूप से होने वाला रामायण बैले नृत्य-नाट्य कार्यक्रम भी दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है।

समय के साथ राजनीतिक बदलाव, भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के कारण यह मंदिर खंडहर में बदल गया था। 19वीं शताब्दी में इसके संरक्षण और पुनर्निर्माण का काम शुरू हुआ। वर्ष 1991 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया, जिसके बाद यह इंडोनेशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया।

हालांकि इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, जहां करीब 87 प्रतिशत लोग इस्लाम धर्म का पालन करते हैं, फिर भी यहां प्राचीन हिंदू और बौद्ध विरासत आज भी सुरक्षित है। खासकर बाली द्वीप पर हिंदू संस्कृति की मजबूत उपस्थिति है और वहां 20 हजार से अधिक मंदिर होने का अनुमान है। जावा, लोम्बोक और अन्य द्वीपों पर भी कई प्राचीन मंदिर मौजूद हैं।

प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है। प्राचीन समुद्री व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा तथा रामायण-महाभारत जैसी परंपराएं इंडोनेशिया पहुंचीं। आज भी वहां रामायण और महाभारत पर आधारित नृत्य, नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोकप्रिय हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का प्रम्बानन मंदिर दौरा दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के साथ भारत-इंडोनेशिया संबंधों को भी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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