KNEWS DESK – पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के तार महाराष्ट्र के बीड जिले से जुड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे जांच और भी गहराती जा रही है।
बीड के युवक से जुड़ी साजिश की कड़ी
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और उसकी मंगेतर सिया गोयल ने कथित तौर पर हत्या की योजना अपने एक करीबी दोस्त और पूर्व सहपाठी के साथ साझा की थी। यह युवक बीड जिले का रहने वाला बताया जा रहा है और वर्तमान में पुणे के बालेवाड़ी स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत है।
सूत्रों के अनुसार, मई के अंतिम सप्ताह में चेतन और सिया ने इस युवक से संपर्क किया था और कथित रूप से केतन अग्रवाल की हत्या की पूरी योजना उस पर साझा की गई थी।
लोहागढ़ किले की यात्रा का प्लान भी जुड़ा
जांच में यह भी सामने आया है कि 18 जून को लोहागढ़ किले की यात्रा के दौरान इस युवक को साथ ले जाने की योजना बनाई गई थी, हालांकि उसने जाने से इनकार कर दिया था। बताया जा रहा है कि उसने कथित साजिश का विरोध करते हुए दोनों को ऐसा कदम न उठाने की सलाह भी दी थी।
हत्या के बाद भी हुई मुलाकात का दावा
पुलिस को मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर यह भी पता चला है कि हत्या के बाद चेतन चौधरी ने इस सहपाठी से दोबारा मुलाकात की थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उस मुलाकात में क्या बातचीत हुई थी और उसका इस केस से क्या संबंध है।
CDR और डिजिटल सबूतों की जांच
पुणे ग्रामीण पुलिस इस युवक के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट, लोकेशन हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि पूरी साजिश की परतें सामने आ सकें।
बड़ा सवाल: पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी?
इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब इस युवक को कथित साजिश की जानकारी पहले से थी, तो उसने समय रहते पुलिस या पीड़ित परिवार को इसकी सूचना क्यों नहीं दी। क्या इसके पीछे डर था या कोई अन्य कारण, यह जांच का विषय बना हुआ है।
पुलिस ने इस युवक को फिलहाल हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। हालांकि, उसे अभी तक आधिकारिक रूप से आरोपी नहीं बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी भूमिका की हर एंगल से जांच की जा रही है और उसके बयान व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।