श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी मामले की जांच में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने वारदात को छिपाने के लिए कई बार CCTV सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की और कंट्रोल रूम में पहुंचकर रिकॉर्डेड फुटेज को हटाने की कोशिश भी की।
Knews Desk- श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच में पुलिस को बड़ा खुलासा हाथ लगा है। जांच में सामने आया है कि चोरी की सच्चाई सामने न आए, इसके लिए आरोपियों ने कई बार सीसीटीवी सिस्टम से छेड़छाड़ की। उन्होंने कंट्रोल रूम में घुसकर सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने की कोशिश भी की और कुछ मामलों में वे इसमें सफल भी हो गए। हालांकि, जांच के दौरान सबूत के तौर पर जरूरी पर्याप्त फुटेज पुलिस को प्राप्त हो चुके हैं।
रकम पार करते समय होती थी निगरानी
सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि जब आरोपी रकम की गणना के दौरान चोरी की वारदात को अंजाम देते थे, तो उस समय गणना प्रभारी कंट्रोल रूम की निगरानी करता रहता था ताकि कोई वहां न पहुंच सके। यदि कोई पहुंच भी जाता, तो उसका ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती थी। बताया जा रहा है कि टिन्नू ने भी इसी तरह की भूमिका निभाई है। कुल मिलाकर, आरोपियों की कोशिश रहती थी कि किसी भी तरह पकड़े जाने से बचा जा सके।
छह जुलाई को ट्रस्ट की बैठक
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक छह जुलाई को दोपहर तीन बजे आयोजित की जाएगी। बैठक में सबसे पहले महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के त्यागपत्र पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा राम मंदिर के दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना को लेकर एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट भी ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों से स्वतंत्र एक संस्था है। इसके सभी निर्णय स्थायी ट्रस्टी आंतरिक रूप से लेते हैं। साथ ही, यह ट्रस्ट आरटीआई अधिनियम के दायरे में नहीं आता, क्योंकि यह न तो किसी प्रकार की सरकारी वित्तीय सहायता लेता है और न ही सरकारी प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है।
क्राइम कुंडली खंगालने अविनाश के घर पहुंची पुलिस
अविनाश शुक्ला की क्राइम कुंडली खंगालने और उसके पूरे रिकॉर्ड का सत्यापन करने के लिए महेशगंज पुलिस उसके बाबूपुर नारियवा गांव स्थित घर पहुंची. दरअसल, अविनाश शुक्ला के भाई द्वारा नोटों के बंडल के साथ इंस्टाग्राम पर एक वीडियो अपलोड किया गया था, जिसे लेकर पुलिस ने उसके माता-पिता से करीब 1 घंटे तक गहन पूछताछ की. एसपी ने पुष्टि करते हुए बताया कि ‘YAKSH APP’ पर सत्यापन की कार्रवाई के लिए महेशगंज पुलिस आरोपी के घर गई थी.