Knews Desk- देशभर में एलपीजी (LPG) और पीएनजी (PNG) उपभोक्ताओं के लिए 1 जुलाई 2026 से कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं। सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और डिजिटल बनाने के लिए यह कदम उठाया है। नए नियमों का सीधा असर करोड़ों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन जारी रखने और सब्सिडी पाने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। जिन उपभोक्ताओं ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी केवाईसी अपडेट नहीं कराई है, उनकी सब्सिडी रोकी जा सकती है या गैस डिलीवरी में बाधा आ सकती है। सरकार का उद्देश्य फर्जी कनेक्शनों को खत्म करना और वास्तविक लाभार्थियों तक सब्सिडी पहुंचाना है। इसके साथ ही गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद अगला सिलेंडर तय न्यूनतम समय सीमा से पहले बुक नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा डिलीवरी के समय ओटीपी (OTP) आधारित वेरिफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे केवल वास्तविक ग्राहक को ही सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।
पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) उपयोगकर्ताओं के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे पाइप्ड गैस की ओर शिफ्ट करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इससे एलपीजी पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा प्रणाली अधिक पर्यावरण अनुकूल बनेगी। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी e-KYC को अनिवार्य कर दिया गया है। समय पर प्रक्रिया पूरी न करने पर सब्सिडी रुकने की संभावना रहेगी। साथ ही, डिजिटल बुकिंग और मोबाइल नंबर लिंकिंग को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी को रोका जा सके।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। हालांकि शुरुआती चरण में उपभोक्ताओं को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन लंबे समय में यह व्यवस्था अधिक प्रभावी और सुविधाजनक साबित होगी।