Knews Desk– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देशवासियों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकों ने उनकी अपीलों का केवल समर्थन ही नहीं किया, बल्कि उन्हें अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्रहित के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाई। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बने तनावपूर्ण हालात और वैश्विक अनिश्चितता के बीच देशवासियों ने जिस तरह संयम और सहयोग का परिचय दिया, वह भारत की सामूहिक शक्ति और जनभागीदारी का शानदार उदाहरण है।
‘मेरी अपील को लोगों ने व्यवहार में उतारा’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात बनने के बाद उन्होंने देशवासियों से कुछ समय के लिए ईंधन की खपत कम करने, विदेश यात्राओं से बचने, कारपूलिंग अपनाने और जहां तक संभव हो सोना खरीदने को टालने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि लोगों ने इन सुझावों को गंभीरता से लिया और राष्ट्रहित में उनका पालन भी किया।
उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक का धन्यवाद करता हूं, क्योंकि लोगों ने केवल समर्थन नहीं किया बल्कि सक्रिय रूप से इन प्रयासों में भागीदारी भी निभाई। यह दिखाता है कि जब देश के सामने चुनौती आती है तो भारत का हर नागरिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़कर योगदान देता है।
सोशल मीडिया पर भी दिखा जनता का सहयोग
प्रधानमंत्री ने बताया कि कई परिवारों ने सोशल मीडिया पर अपनी विदेश यात्राएं स्थगित करने और शादी-ब्याह जैसे आयोजनों के लिए सोना खरीदने का फैसला टालने की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के छोटे-छोटे कदम भी देश की अर्थव्यवस्था और संसाधनों को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है। जब जनता और सरकार एक साथ मिलकर काम करते हैं, तब बड़े से बड़ा लक्ष्य भी आसानी से हासिल किया जा सकता है।
इन अपीलों का किया था आग्रह
प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि इस वर्ष पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के दौरान उन्होंने नागरिकों से कई महत्वपूर्ण अपीलें की थीं। इनमें घर से काम करने को प्राथमिकता देना, ईंधन की बचत करना, एक वर्ष तक अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचना, स्वदेशी उत्पादों को अपनाना, खाद्य तेल की खपत कम करना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और कुछ समय के लिए सोना खरीदने से परहेज करना शामिल था। उनका उद्देश्य वैश्विक संकट के प्रभाव को कम करते हुए देश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखना था।
आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियों का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत मिली महत्वपूर्ण सफलताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जून महीने में भारत ने एविएशन सेक्टर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, जब देश में निर्मित C-295 विमान की पहली उड़ान सफल रही।
प्रधानमंत्री ने बताया कि कुल 40 C-295 विमान भारत में ही तैयार किए जा रहे हैं। इससे न केवल देश की एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी, बल्कि एमएसएमई सेक्टर को भी नए अवसर मिलेंगे और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा और विमान निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जनभागीदारी से मजबूत होगा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि देश की प्रगति सरकार और जनता के साझा प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इसी तरह हर नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा, तो भारत आत्मनिर्भरता, आर्थिक विकास और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेगा।