Ayodhya Case Update: आरोपियों के ठिकानों पर यूपी पुलिस की बड़ी रेड, टिन्नू के घर से ज्वैलरी और दस्तावेज बरामद

Knews Desk- अयोध्या में राम मंदिर के दान में कथित गबन के मामले की जांच तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार को इस केस में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ बड़ी छापेमारी की। पुलिस टीमों ने स्थानीय मजिस्ट्रेटों की मौजूदगी में विभिन्न जिलों में आरोपियों के घरों और पैतृक आवासों पर तलाशी अभियान चलाया।

इस दौरान पुलिस ने राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कई आरोपियों के घरों की गहन जांच की। टिन्नू के आवास से ज्वैलरी, नकदी और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कई प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनकी जांच की जा रही है। छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस ने सभी आरोपियों के परिवार के सदस्यों से पूछताछ भी की और उनके बयान दर्ज किए। कई स्थानों पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ये दस्तावेज मामले से कितने जुड़े हुए हैं।

मिल्कीपुर ग्रामीण क्षेत्र में भी पुलिस ने कार्रवाई की, जहां आरोपी अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा के पैतृक घरों की तलाशी ली गई। वहीं, रामाशंकर मिश्रा के आवास पर भी जांचकर्ताओं ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की और कई दस्तावेज जब्त किए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस सभी बरामद सामान का एसेसमेंट कर रही है और यह तय किया जा रहा है कि आगे की जांच में किन वस्तुओं को साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर आरोपियों की पुलिस रिमांड भी मांगी जा सकती है।

यह मामला तब सामने आया जब 7 जून को समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण ‘पवन’ पांडे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे में 5 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये तक का गबन हुआ है। इस आरोप के बाद मामला गंभीर हो गया और जांच की मांग उठी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने 15 से 20 जून तक अयोध्या में प्रारंभिक जांच की, जिसमें दान की नकदी और कीमती वस्तुओं के प्रबंधन में अनियमितताओं की आशंका जताई गई थी।

जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। गिरफ्तार आरोपियों में टिन्नू उर्फ राम शंकर यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और करुणेश पांडे शामिल हैं। इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने भी बयान जारी कर कहा है कि वह पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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