KNEWS DESK – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल (2027 की शुरुआत) में भारत दौरे पर आ सकते हैं। इस बात की जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दी है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के संभावित भारत दौरे को अंतिम रूप देने के लिए भारत की यात्रा पर आ रहे हैं।
रूबियो ने भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत लगातार आगे बढ़ रही है और ट्रेड डील को जल्द अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका, साथ ही वेनेजुएला जैसे देशों के साथ ऊर्जा और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत की आर्थिक और औद्योगिक क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनके पास भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की मजबूत क्षमता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशंसक हैं और पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर एक मजबूत शक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
सर्जियो गोर क्या बोले?
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं और अब केवल कुछ ही मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। उन्होंने दोनों देशों को “स्वाभाविक साझेदार” बताते हुए कहा कि सहयोग की संभावनाएं असीमित हैं।
गोर ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंध भारत-अमेरिका रिश्तों की महत्वपूर्ण नींव हैं। उनके अनुसार, दोनों नेता वैश्विक मुद्दों पर समान दृष्टिकोण रखते हैं, जिससे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए हैं।
ट्रंप की पिछली भारत यात्रा
डोनाल्ड ट्रंप आखिरी बार फरवरी 2020 में भारत आए थे, जब उन्होंने अहमदाबाद में “नमस्ते ट्रंप” कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाग लिया था। उस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देने पर जोर दिया गया था।
पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग को लेकर बातचीत लगातार जारी रही है। हालांकि टैरिफ और कुछ नीतिगत मुद्दों पर तनाव की स्थिति भी बनी, लेकिन हाल के समय में दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग फिर से तेज हुआ है।
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात G7 समिट के दौरान फ्रांस में हुई थी, जहां दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। ट्रंप ने उस दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सहमति बनने की संभावना जताई और प्रधानमंत्री मोदी को “सख्त बातचीत करने वाला नेता” बताया।