राम मंदिर ट्रस्ट मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बयान

Knews Desk– राम मंदिर चंदा गबन मामले में एफआईआर दर्ज होने और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होगी।

डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि जिन आरोपों के आधार पर जांच शुरू हुई है, उनकी पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

इस मामले में चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद इस प्रकरण ने और तूल पकड़ लिया है। वहीं, अयोध्या पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टीनू यादव को गिरफ्तार भी किया है। यह गिरफ्तारी एफआईआर दर्ज होने के बाद की गई है।

एफआईआर में कुल 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि मंदिर परिसर में चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने आपराधिक साजिश के तहत भक्तों द्वारा दिए गए दान में हेरफेर और गबन किया।

नामजद आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर यादव उर्फ टीनू और आशुतोष तिवारी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, जांच अधिकारी ने शुरुआती औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और शिकायतकर्ता को एफआईआर की कॉपी भी उपलब्ध करा दी गई है।

यह मामला तब सामने आया जब समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए मिले लगभग 7 से 7.5 करोड़ रुपये के चंदे में गड़बड़ी की गई है। उनके आरोपों के बाद मामला और गंभीर हो गया और जांच की मांग तेज हो गई।

स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा सके। अब सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल इस पूरे मामले ने अयोध्या से लेकर लखनऊ तक सियासी माहौल को गर्म कर दिया है और सभी की नजरें जांच के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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