KNEWS DESK- वैश्विक तेल बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक संगठन OPEC में दरार गहरी होती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाद अब इराक भी इस संगठन से बाहर निकलने पर विचार कर सकता है, जिससे ओपेक की एकता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इराक क्यों नाराज है OPEC से?
इराक का मुख्य विवाद उसके तेल उत्पादन कोटे को लेकर है। मौजूदा समय में ओपेक के नियमों के तहत इराक को प्रतिदिन लगभग 4 मिलियन बैरल तेल उत्पादन की अनुमति है।
लेकिन इराक सरकार का कहना है कि वह अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहती है और उसे 7 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक तेल बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए।
इराक का मानना है कि मौजूदा कोटा उसकी वास्तविक उत्पादन क्षमता और आर्थिक जरूरतों के अनुरूप नहीं है।
तेल उत्पादन बढ़ाने की इराक की मांग
इराक के सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, देश अपने तेल निर्यात को बढ़ाकर राजस्व में सुधार करना चाहता है। सरकार का फोकस उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने पर है। इराक का कहना है कि यदि उसे अधिक उत्पादन की अनुमति नहीं मिलती, तो वह OPEC से अलग होने पर गंभीरता से विचार करेगा।
युद्ध और आर्थिक दबाव का असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले संघर्षों और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण इराक की अर्थव्यवस्था पर बड़ा दबाव रहा है। तेल निर्यात देश की आय का सबसे बड़ा स्रोत है, लेकिन युद्ध और आपूर्ति बाधाओं के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ। अब इराक इस नुकसान की भरपाई के लिए अपने तेल उत्पादन को बढ़ाना चाहता है।
OPEC की एकता पर संकट
OPEC, दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों का संगठन है और इसकी पहली बैठक भी इराक की राजधानी बगदाद में हुई थी। इराक का इस संगठन से बाहर निकलना OPEC की एकता के लिए बड़ा झटका माना जाएगा।
हाल ही में UAE के अलग रुख के बाद संगठन पहले ही दबाव में है। ऐसे में इराक का संभावित कदम स्थिति को और जटिल बना सकता है।
तेल बाजार पर क्या होगा असर?
अगर इराक OPEC से बाहर निकलकर स्वतंत्र रूप से तेल उत्पादन बढ़ाता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता आ सकती है। OPEC के अन्य सदस्य देशों की रणनीति प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई सप्लाई से कीमतों में गिरावट भी आ सकती है।
इराक फिलहाल अपने उत्पादन लक्ष्य को लेकर दबाव बना रहा है। आने वाले समय में यदि OPEC और इराक के बीच समझौता नहीं होता, तो संगठन से और देशों के बाहर निकलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
OPEC में चल रहा यह तनाव वैश्विक तेल बाजार के लिए बड़ा संकेत है। इराक का संभावित कदम न सिर्फ संगठन की मजबूती को चुनौती देगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भी बड़े बदलाव ला सकता है।