सारिका गुप्ता- उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद चौंकाने वाला और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कानपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई रसूख के आगे महज कुछ ही घंटों में घुटने टेकती नजर आई। दोपहर के वक्त केडीए के अधिकारियों ने जिस बेसमेंट को सील किया था, शाम होते-होते उस सील को गुपचूप तरीके से हटा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद केडीए के अधिकारियों की दोहरी कार्यप्रणाली को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

विधानसभा अध्यक्ष के भाई की बिल्डिंग पर एक्शन से फूले अधिकारियों के हाथ-पैर
जानकारी के मुताबिक, कानपुर विकास प्राधिकरण की टीम ने नियमों के उल्लंघन को लेकर जिस बिल्डिंग के बेसमेंट को सील किया था, वह उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के भाई बिट्टू महाना की बताई जा रही है। इस बेसमेंट में ‘फुडी एंजेल’ (Foodie Angel) नाम से प्रतिष्ठान संचालित हो रहा था। जैसे ही अधिकारियों को यह भनक लगी कि कार्रवाई वीआईपी कनेक्शन वाली इमारत पर हो गई है, केडीए महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बैकफुट पर आते हुए सील खोलने की प्रक्रिया पूरी की गई।

कैमरे के सामने केडीए सचिव ने बोला झूठ, अधिकारियों ने साधी चुप्पी
इस पूरे मामले में केडीए के आला अधिकारियों का रवैया बेहद संदिग्ध नजर आ रहा है। सील इतनी जल्दी क्यों और किस आधार पर खोली गई, इस सवाल पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने पूरी तरह चुप्पी साध ली है। हद तो तब हो गई जब केडीए सचिव ने कैमरे के सामने बयान देते हुए साफ मुकर गए और कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की किसी भी बिल्डिंग को सील ही नहीं किया गया था। अधिकारियों की यह विरोधाभासी कार्रवाई और कैमरे पर बोला गया झूठ अब खुद केडीए को कटघरे में खड़ा कर रहा है।