डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के निवासियों के लिए एक बड़ी और बेहद खुश करने वाली खबर सामने आई है। अब बलिया से लखनऊ, दिल्ली, वाराणसी और पटना की यात्रा करना न केवल बेहद सुगम होगा, बल्कि सफर का समय भी काफी कम हो जाएगा। गाजीपुर से मांझी तक बन रहे 132 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को बलिया शहर से सीधे जोड़ने की योजना पर जमीनी काम शुरू हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस परियोजना को मंजूरी देते हुए करीब 9 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया है।
बाढ़ के चलते बदला गया प्लान, माल्देपुर की जगह सागरपाली के पास मिलेगी कनेक्टिविटी
पहले इस महात्वाकांक्षी एक्सप्रेस-वे को माल्देपुर के पास बलिया शहर से जोड़ने का प्रस्ताव था, लेकिन इलाके में बाढ़ और कटान की गंभीर समस्या को देखते हुए तकनीकी टीम ने इसके रूट में बदलाव किया है। अब इसे सागरपाली के पास (चेनेज 57 किमी के पास) सीधे एनएच-31 (NH-31) से जोड़ा जाएगा। बलिया शहर से मात्र 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सागरपाली के पास एक्सप्रेस-वे को कनेक्ट करने के लिए 450 मीटर लंबा एक नया टू-लेन मार्ग बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और इसे आगामी तीन महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

दूरी होगी 15 किमी कम, ईंधन और समय दोनों की होगी भारी बचत
इस नई डायरेक्ट कनेक्टिविटी के बन जाने से बलिया के लोगों को सबसे बड़ा बदलाव सफर की दूरी और समय में महसूस होगा। वर्तमान में बलिया वासियों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने के लिए लगभग 45 किलोमीटर की अतिरिक्त और थकाऊ दूरी तय करनी पड़ती थी। लेकिन नया संपर्क मार्ग बनने के बाद यह दूरी सीधे 15 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे न केवल गाड़ियों के ईंधन की बचत होगी, बल्कि यात्रियों का कीमती समय भी बचेगा। अब गाजीपुर, लखनऊ, दिल्ली और बिहार के छपरा-पटना की राह पहले से कहीं अधिक तेज और आरामदायक हो जाएगी।

व्यापार और विकास को लगेंगे पंख: परियोजना पर एक नजर
यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे गाजीपुर बाईपास के पास जंगीपुर से शुरू होकर करीमुद्दीनपुर, चितबड़ागांव, फेफना, माल्देपुर, हल्दी और बैरिया होते हुए चांददियर तक जा रहा है। बलिया शहर के लिए यह नया लिंक रोड क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल आम जनता का आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापारियों के लिए भी लखनऊ और पटना जैसे बड़े बाजारों तक माल पहुंचाना बेहद सुगम हो जाएगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।