रेवाड़ी में नोज पिन के कारण छात्रा को नहीं मिला NEET परीक्षा में प्रवेश

Knews Desk- NEET UG 2026 री-एग्जाम के दौरान हरियाणा में सुरक्षा और नियमों की सख्ती का असर साफ देखने को मिला। रेवाड़ी जिले में एक छात्रा को केवल नोज पिन (नाक की पिन) नहीं हटाने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे वह परीक्षा देने से वंचित रह गई।

धारूहेड़ा निवासी छात्रा रेवाड़ी के बाल स्कूल परीक्षा केंद्र पर NEET री-एग्जाम देने पहुंची थी। प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच के दौरान अधिकारियों ने उसे नोज पिन हटाने को कहा। लेकिन छात्रा का कहना था कि वह नोज पिन को आसानी से नहीं निकाल पा रही थी और जबरदस्ती हटाने पर उसकी नाक से खून निकल सकता था। इसके बावजूद परीक्षा के सख्त नियमों का हवाला देते हुए उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया और उसे वापस लौटना पड़ा।

यह परीक्षा आज देशभर में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा को नकल रहित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। हरियाणा में इस बार कुल 175 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 65 हजार से अधिक अभ्यर्थी NEET UG री-एग्जाम में शामिल हो रहे हैं। सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा जांच की जा रही है। परीक्षार्थियों को केवल आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित वस्तुओं के साथ ही प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या प्रतिबंधित वस्तु पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

नकल रोकने के लिए प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाए हैं। परीक्षा के दौरान सभी जिलों में कोचिंग सेंटर और फोटोस्टेट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास ड्रोन उड़ाने पर भी रोक लगाई गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

परीक्षा से जुड़ी गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों और अन्य सामग्री को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया। इन वाहनों की जीपीएस के माध्यम से निगरानी की गई और पुलिस एस्कॉर्ट भी उपलब्ध कराया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और इनकी लाइव मॉनिटरिंग केंद्रीय कंट्रोल रूम से की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए हर स्तर पर प्रशासनिक और पुलिस टीमें तैनात हैं।

इसके अलावा, परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रोडवेज बस स्टैंडों पर हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं, जहां छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और परिवहन संबंधी जानकारी दी जा रही है। NEET UG री-एग्जाम 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं, लेकिन रेवाड़ी की यह घटना नियमों की सख्ती और छात्रों की व्यावहारिक कठिनाइयों के बीच संतुलन पर सवाल भी खड़े कर रही है।

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