Knews Desk- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है और सूत्रों के अनुसार टीम आज अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। सरकार ने शुरुआती जांच के लिए एक सप्ताह का समय निर्धारित किया था, जो आज पूरा हो रहा है। माना जा रहा है कि एसआईटी की रिपोर्ट 150 पन्नों से अधिक की हो सकती है।
एसआईटी ने इस मामले की जांच 15 जून को शुरू की थी। जांच के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन पड़ताल की और संबंधित लोगों से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम देर रात अपनी जांच पूरी कर वापस लौट चुकी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।
मुख्यमंत्री ने पहले ही जनता से अपील की थी कि वे 15 दिन का धैर्य रखें, क्योंकि एसआईटी की जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा था कि जांच में “सारे तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे और सच सामने आ जाएगा।” इस मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव और राजेश पाठक शामिल हैं। इन सभी से एसआईटी ने नोट गिनने की प्रक्रिया और उसमें हुई कथित अनियमितताओं को लेकर विस्तृत पूछताछ की है।
जांच टीम ने यह भी देखा कि चढ़ावे की गणना और सुरक्षा प्रक्रिया में कहां-कहां चूक हुई हो सकती है। हर पहलू की बारीकी से जांच की गई है ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी की सच्चाई सामने लाई जा सके। अब उम्मीद की जा रही है कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे पूरे मामले की दिशा स्पष्ट होगी। प्रशासन और जांच एजेंसियां इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेंगी।