KNEWS DESK- हाल ही में Telegram को लेकर बड़ी चर्चा सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 जून तक टेलीग्राम को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया गया है, लेकिन कुछ यूजर्स इसे VPN (Virtual Private Network) के जरिए एक्सेस कर रहे हैं। इसी बीच VPN को लेकर लोगों की सर्च और समझने की रुचि भी तेजी से बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, NEET 2026 की परीक्षा के दौरान पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से Telegram को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया गया है। सरकारी निर्देशों के बाद भारत में कई यूजर्स को ऐप एक्सेस करने में दिक्कत आ रही है।
VPN के जरिए क्यों चल रहा है Telegram?
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ यूजर्स VPN का इस्तेमाल करके Telegram को एक्सेस कर रहे हैं। VPN भारतीय सर्वर को बायपास कर विदेशी सर्वर से कनेक्शन बनाता है, जिससे ऐप ब्लॉक होने के बावजूद काम कर सकता है।
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस वजह से ब्लॉकिंग पूरी तरह प्रभावी नहीं रह पाती।
क्या होता है VPN (Virtual Private Network)?
VPN यानी Virtual Private Network एक सिक्योरिटी टूल है, जो इंटरनेट पर आपकी पहचान को सुरक्षित करता है।
VPN कैसे काम करता है?
- यह आपके डिवाइस और इंटरनेट के बीच एक एन्क्रिप्टेड कनेक्शन बनाता है
- आपका असली IP एड्रेस छिपा देता है
- आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी को सुरक्षित और प्राइवेट बनाता है
- डेटा को स्क्रैम्बल करके हैकर्स और ट्रैकर्स से बचाता है
VPN के फायदे
- ऑनलाइन प्राइवेसी बढ़ाता है
- डेटा को सुरक्षित रखता है
- पब्लिक नेटवर्क पर सिक्योरिटी देता है
- लोकेशन को छिपाने में मदद करता है
Google Trends में बढ़ी VPN की सर्च
रिपोर्ट्स के अनुसार, Telegram ब्लॉक होने के बाद “VPN for Telegram” की सर्च में अचानक बड़ा उछाल देखा गया है। लोग अब इंटरनेट पर इसे एक्सेस करने के तरीके तलाश रहे हैं।
सरकार के नए निर्देश
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने Google और Apple को निर्देश दिया है कि वे 22 जून तक Telegram को अपने ऐप स्टोर से हटा दें।
इसके अलावा Telegram को भारत में पहले से भेजे गए मैसेज के लिए एडिटिंग फीचर बंद करने का निर्देश। यह आदेश 30 जून तक लागू रहने की संभावना।
Telegram ब्लॉक और VPN को लेकर चल रही स्थिति ने डिजिटल प्राइवेसी और इंटरनेट सिक्योरिटी पर नई बहस छेड़ दी है। जहां VPN यूजर्स को प्राइवेसी देता है, वहीं इसका इस्तेमाल कई बार ब्लॉकिंग को बायपास करने के लिए भी किया जाता है।