Knews Desk- भारत और ब्रिटेन ने अपने लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने की तारीख की घोषणा कर दी है। यह समझौता 15 जुलाई से प्रभावी होगा। इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने के बाद भारत और ब्रिटेन के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आयात-निर्यात पर लगने वाले टैरिफ में बड़ी कटौती देखने को मिलेगी। इससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई गति मिलने की उम्मीद है और कई क्षेत्रों में व्यापार करना पहले की तुलना में अधिक आसान और सस्ता हो जाएगा। समझौते के तहत भारत में ब्रिटेन से आयात होने वाली व्हिस्की पर लगने वाला टैरिफ 150 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इस निर्णय से ब्रिटिश उत्पादों की भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। वहीं, भारतीय उपभोक्ताओं को भी कुछ प्रीमियम आयातित उत्पाद अपेक्षाकृत कम कीमतों पर उपलब्ध हो सकते हैं।
इसके अलावा इस समझौते का असर टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों पर भी पड़ने की संभावना है। टैरिफ में कमी और व्यापार प्रक्रियाओं के सरल होने से इन क्षेत्रों के निर्यातकों को लाभ मिलेगा और द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि होगी। आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस समझौते के लागू होने के बाद भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार में दीर्घकालिक रूप से उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। अनुमान के अनुसार, दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार में लगभग 25.5 अरब पाउंड तक की बढ़ोतरी संभव है।
सरकारी बयान के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के लिए आर्थिक अवसरों को बढ़ाने के साथ-साथ निवेश को प्रोत्साहित करने में भी सहायक होगा। इससे व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में दोनों देशों की भागीदारी और मजबूत होगी। भारत और ब्रिटेन का यह मुक्त व्यापार समझौता द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नई दिशा देने के साथ-साथ आर्थिक सहयोग को भी एक नई मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।