डिजिटल डेस्क- सफर के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए दिल्ली के डीटीसी बस नेटवर्क में बड़े बदलाव तय किए गए हैं। अब दिल्ली की डीटीसी लेडीज स्पेशल बसों के अंदर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, और यह व्यवस्था विशेष रूप से उन रूटों पर होगी जहाँ महिलाओं की भारी आवाजाही होती है। इसके अलावा, बसों में महिला यात्रियों की मदद के लिए महिला होम गार्ड और मार्शल मुस्तैद रहेंगे। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बसों में लगे पैनिक बटन अलर्ट को अब सीधे दिल्ली पुलिस के 112 PCR इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम से जोड़ दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच सके।
हर जिले में विशेष ‘महिला पुलिस स्टेशन’ की स्थापना
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस जल्द ही राजधानी के हर जिले में एक एक्सक्लूसिव महिला पुलिस स्टेशन स्थापित करेगी। इन थानों की कमान पूरी तरह से महिला पुलिस स्टाफ और अधिकारियों के हाथों में होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह है कि पीड़ित महिलाएं और बच्चे बिना किसी झिझक या डर के अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें और मामलों की कुशलता व संवेदनशीलता से जांच हो सके।
स्कूलों में पॉक्सो एक्ट का कड़ा ऑडिट और सख्त कार्रवाई
बच्चों की सुरक्षा को लेकर हुई एक अन्य महत्वपूर्ण बैठक में उपराज्यपाल ने दिल्ली में पॉक्सो एक्ट के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। एलजी ने महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा निदेशक को दिल्ली के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में पॉक्सो गाइडलाइंस के पालन का व्यापक ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि जो भी स्कूल या शैक्षणिक संस्थान इन सुरक्षा दिशा-निर्देशों के पालन में कोताही या लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ सीधे मान्यता रद्द करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छुट्टी के वक्त स्कूलों पर पुलिस का कड़ा पहरा और जीरो टॉलरेंस
एलजी तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस को विशेष निर्देश दिए हैं कि स्कूलों की छुट्टी के वक्त स्कूल परिसरों के आसपास सक्रिय पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए। इसका मकसद बच्चों के खिलाफ किसी भी अनहोनी घटना को रोकना और अभिभावकों व छात्रों में सुरक्षा का विश्वास जगाना है। इसके साथ ही, पुलिस को महिलाओं और बच्चों के साथ छेड़छाड़, उत्पीड़न या किसी भी दुर्व्यवहार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाने को कहा गया है। एलजी ने दोहराया कि दिल्ली हर महिला की इज्जत और सुरक्षा पक्का करने के लिए पूरी तरह तैयार है।