G-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने उठाया समुद्री सुरक्षा का मुद्दा, भारतीय नाविकों की मौत पर जताई चिंता

KNEWS DESK- फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने हाल ही में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय नाविकों की हुई मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के प्रयासों का भारत स्वागत करता है, लेकिन क्षेत्र में जारी संघर्षों के कारण कई देशों को भारी मानवीय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में बाधा आने से वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि कई भारतीय नागरिकों ने भी इस संकट में अपनी जान गंवाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री नाविक वैश्विक व्यापार की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी देशों से समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने और नाविकों के लिए भयमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री का यह बयान ओमान की खाड़ी में हुई एक हालिया घटना के संदर्भ में आया। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर “सेट्टेबेलो” को निशाना बनाया था, जिसमें तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें 24 भारतीय, 2 पाकिस्तानी, 1 यूक्रेनी और 1 रूसी नागरिक शामिल थे।

अमेरिका ने आरोप लगाया था कि यह टैंकर ईरान से तेल लेकर जा रहा था और अमेरिकी प्रतिबंधों तथा नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा था। इसी आधार पर जहाज को रोका गया और उस पर कार्रवाई की गई।

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में यह तीसरा ऐसा व्यापारिक जहाज है जिसमें भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे और जो क्षेत्रीय समुद्री तनाव की घटनाओं से प्रभावित हुआ। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, जिसके माध्यम से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक माल का परिवहन होता है।

भारत के लिए भी इस मार्ग का विशेष महत्व है क्योंकि देश के तेल आयात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने G-7 नेताओं के समक्ष समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता और नाविकों की सुरक्षा को वैश्विक प्राथमिकता बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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