मेरठ में घर का सपना हुआ महंगा… विकासपुरी और मोहनपुरी में सबसे ज्यादा उछाल, ₹10,000 तक बढ़े सर्किल रेट्स

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के मुख्य और पॉश इलाकों में अब जमीन या मकान खरीदना काफी खर्चीला सौदा हो गया है। मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की नई दरें (सर्किल रेट) आधिकारिक तौर पर जारी कर दी हैं। परिषद के मुख्यालय से संशोधित दरों की हरी झंडी मिलने के बाद अब सभी संपत्तियों की बिक्री और आवंटन केवल इन्हीं नई दरों के आधार पर किया जाएगा। इस नए संशोधन के तहत शहर की विभिन्न प्राइम योजनाओं में संपत्तियों की कीमतों में ₹2,000 से लेकर ₹10,000 प्रति वर्गमीटर तक की तगड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी से सबसे बड़ा झटका विकासपुरी योजना में घर का सपना देखने वालों को लगा है, जहां सीधे ₹10,000 प्रति वर्गमीटर का इजाफा हुआ है। वहीं, मोहनपुरी योजना में भी ₹8,000 प्रति वर्गमीटर की बड़ी वृद्धि की गई है। हालांकि, रियल एस्टेट जानकारों का मानना है कि जिन पॉश इलाकों में कीमतें बढ़ाई गई हैं, वहां अब नए मकान या खाली प्लॉट मिलना बेहद मुश्किल है।

विभिन्न आवासीय योजनाओं के नए और पुराने रेट्स का विवरण

मेरठ आवास एवं विकास परिषद द्वारा जारी की गई नई मूल्य सूची के अनुसार, शास्त्रीनगर योजना संख्या-7 में पुरानी दर ₹36,000 को बढ़ाकर अब ₹39,200 प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। इसी तरह मध्यम वर्गीय परिवारों की पसंदीदा जागृति विहार विस्तार योजना संख्या-11 की दर भी ₹32,000 से बढ़कर अब ₹35,000 प्रति वर्गमीटर के स्तर पर पहुंच गई है। शहर के वीआईपी इलाकों में शुमार मंगलपांडे नगर में भी कीमतों में इजाफा हुआ है, जहां पुराना रेट ₹38,000 अब बढ़कर ₹41,500 प्रति वर्गमीटर हो गया है। वहीं, माधवपुरम सेक्टर-1 से 4 में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी देखी गई है, जहां दर ₹20,000 से बढ़कर ₹21,800 प्रति वर्गमीटर हुई है। इसके विपरीत, माधवपुरम आश्रयहीन योजना में एक बड़ा आनुपातिक उछाल आया है, जहां पुरानी दर ₹11,500 को सीधे ₹18,000 प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। इसके अलावा, शास्त्रीनगर योजना संख्या-3 की दर भी ₹31,000 से बढ़ाकर ₹34,000 प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है।

कमर्शियल संपत्तियों की कीमतों में वृद्धि और शास्त्रीनगर का नया मार्केट रेट

आवासीय प्लॉटों के साथ-साथ व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कमर्शियल यानी व्यावसायिक संपत्तियों की कीमतों को भी परिषद द्वारा रिवाइज किया गया है। शास्त्रीनगर जैसे बड़े व्यावसायिक क्षेत्र में दुकानों की दरों में एकमुश्त बड़ी बढ़ोतरी करते हुए इसे ₹26,000 से बढ़ाकर सीधे ₹38,340 प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, मोहनपुरी योजना में पुरानी दर ₹20,000 की जगह अब नए खरीदारों को ₹28,000 प्रति वर्गमीटर का भुगतान करना होगा। इसी क्रम में विकासपुरी योजना में भी पुराना रेट ₹28,000 अब इतिहास बन चुका है और इसकी नई दर ₹38,000 प्रति वर्गमीटर लागू कर दी गई है। परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अब भविष्य में होने वाली सभी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की खुली नीलामी या आवंटन इन्हीं संशोधित और बढ़ी हुई दरों के आधार पर ही किया जाएगा।

यूपी रेरा की बड़ी मंजूरी: 7 जिलों में ₹2,285 करोड़ का नया निवेश

एक तरफ जहां मेरठ के मुख्य क्षेत्रों में प्रॉपर्टी के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने प्रदेश के घर खरीदारों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। यूपी रेरा ने राज्य के सात प्रमुख जिलों की 14 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीकरण को हरी झंडी दे दी है। इस मंजूरी के बाद प्रदेश के रीयल एस्टेट बाजार में लगभग ₹2,285 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पूंजी निवेश होने का रास्ता साफ हो गया है। इन नई परियोजनाओं के अंतर्गत सूबे में करीब 3,548 नई आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों (फ्लैट, प्लॉट और दुकानें) का सुनियोजित विकास किया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में आम जनता को घर और व्यापार के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस कई नए विकल्प मिल सकेंगे।

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