आधी रात PM के फोन पर पहुंचा इमरजेंसी अलर्ट! फिर सरकार ने तुरंत रोक दी यह सर्विस

KNEWS DESK – अगर पिछले कुछ दिनों में आपके मोबाइल फोन पर अचानक तेज बीप की आवाज के साथ कोई इमरजेंसी अलर्ट आया था, तो आप अकेले नहीं हैं। देशभर के लाखों मोबाइल यूजर्स को ऐसे अलर्ट मिले थे। दरअसल, सरकार आपदा या आपात स्थिति के दौरान लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाने के लिए सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण कर रही थी। हालांकि अब इस सिस्टम को फिलहाल रोक दिया गया है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने एक आदेश जारी कर बताया है कि कुछ तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों के कारण इस सेवा को अस्थायी रूप से होल्ड पर रखा गया है। हालांकि इस फैसले के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

क्या है विवाद की वजह?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में हरियाणा और उत्तर प्रदेश की आपदा प्रबंधन इकाइयों की ओर से आधी रात में एक मॉक अलर्ट जारी किया गया था। बताया जा रहा है कि यह अलर्ट कुछ ऐसे नंबरों तक भी पहुंच गया, जिन्हें आमतौर पर इस तरह के परीक्षण संदेशों से अलग रखा जाता है। इसके बाद संबंधित एजेंसियों के बीच इस सिस्टम की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

हालांकि सरकार या NDMA की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों ने केवल इतना कहा है कि सिस्टम की समीक्षा की जा रही है और आवश्यक सुधारों के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।

क्या है Cell Broadcast Alert System?

Cell Broadcast एक आधुनिक चेतावनी प्रणाली है, जो सामान्य SMS से अलग तरीके से काम करती है। इसमें किसी क्षेत्र विशेष में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट भेजा जा सकता है। इसके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होती और संदेश कुछ ही सेकंड में लाखों लोगों तक पहुंच सकता है।

यह सिस्टम विशेष रूप से बाढ़, चक्रवात, भारी बारिश, भूकंप या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लोगों को तुरंत सतर्क करने के लिए तैयार किया गया है। इसकी मदद से प्रशासन किसी भी प्रभावित इलाके के नागरिकों तक रियल-टाइम चेतावनी पहुंचा सकता है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह तकनीक?

भारत जैसे विशाल देश में आपदा के समय हर सेकंड कीमती होता है। ऐसे में Cell Broadcast सिस्टम लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने या जरूरी सावधानी बरतने की जानकारी दे सकता है। यही वजह है कि इसे देश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि माना जा रहा है।

क्या फिर शुरू होगी सेवा?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेवा पूरी तरह बंद नहीं की गई है, बल्कि तकनीकी खामियों और प्रक्रियागत सुधारों के लिए अस्थायी रूप से रोकी गई है। संभावना है कि आवश्यक बदलावों के बाद इसे दोबारा शुरू किया जाए।

फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। यदि भविष्य में कोई आपदा चेतावनी जारी की जाती है, तो संबंधित एजेंसियां अन्य उपलब्ध माध्यमों के जरिए भी लोगों तक सूचना पहुंचाती रहेंगी।

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