डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल के बाद अब महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर भारी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कुछ सांसदों द्वारा पाला बदलने और बगावत करने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। इस बीच, पार्टी के भीतर किसी भी संभावित टूट को रोकने और अपने कुनबे को एकजुट रखने के लिए पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने सभी सांसदों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित ठाकरे परिवार के ऐतिहासिक आवास ‘मातोश्री’ में दोपहर 12 बजे आयोजित की गई है।
‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं के बीच बुलाई गई बैठक
दरअसल, यह पूरी सियासी हलचल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेताओं द्वारा किए गए दावों के बाद शुरू हुई है। शिंदे गुट का दावा है कि उद्धव सेना (UBT) के कुछ सांसद उनके संपर्क में हैं और जल्द ही पाला बदलने की तैयारी कर रहे हैं। शिंदे सेना द्वारा शिवसेना (यूबीटी) के संसदीय विंग में फूट डालने की इन कोशिशों को राजनीतिक हल्कों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दिया जा रहा है। इसी ऑपरेशन के तहत हो रही जोड़-तोड़ की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे ने अपने सभी सांसदों को मुंबई तलब किया है, ताकि किसी भी तरह की फूट को समय रहते नाकाम किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री प्रताप जाधव के बयान से गरमाई सियासत
इस पूरे घटनाक्रम को हवा तब मिली जब हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रताप जाधव (शिवसेना-शिंदे गुट) ने उद्धव गुट के सांसदों के पाला बदलने की बात कहकर सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया था। जाधव ने खुलकर इशारा करते हुए कहा था कि “ऑपरेशन टाइगर पूरा होने के कगार पर है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी जब भी हरी झंडी देंगे, इसे तुरंत पूरा कर दिया जाएगा।” उनके इस बयान के बाद से ही उद्धव ठाकरे सतर्क हो गए हैं और उन्होंने अपने सहयोगियों व सांसदों को एकजुट करने की कवायद तेज कर दी है। हालांकि, दिल्ली में इस हफ्ते मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव खत्म हो चुके हैं और अब किसी नंबर गेम की जरूरत नहीं है।
संसद सत्र और बंगाल की टूट के साये में ‘मातोश्री’ मंथन
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब देश की राजनीति में कई समीकरण बदलते दिख रहे हैं। एक तरफ जहां पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसदों के बागी होने और भाजपा को समर्थन देने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र में शिवसेना UBT के सांसदों की संभावित टूट की खबरें केंद्र के सियासी गणित को प्रभावित कर सकती हैं। वर्तमान में उद्धव ठाकरे गुट के पास लोकसभा में 9 सांसद हैं। हालांकि, उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक रूटीन बैठक बताया है। राउत के अनुसार, बैठक का इन चर्चाओं से कोई लेना-देना नहीं है और इसमें आगामी संसद सत्र, संगठनात्मक मुद्दों और भविष्य की चुनावी रणनीति पर मंथन किया जाएगा। इसके बावजूद, इस समय ‘मातोश्री’ पर होने वाली इस बैठक पर पूरे देश की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।